केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा को आश्वासन दिया कि सरकार महंगाई को और कम करने के लिए कमद उठाएगी। नवंबर में खुदरा महंगाई 6.77 से घटकर पिछले 11 महीने के निचले स्तर 5.8 फीसदी पर आ गई।
सीतारमण ने लोकसभा चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि आम लोगों के लिए महंगाई को और कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि मंदी का कोई खतरा नहीं है, क्योंकि भारत कम महंगाई के स्तर के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। राजकोषीय घाटे को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद के 6.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि सरकार राजकोषीय समेकन (फिस्कल कंसोलिडेशन) के मार्ग पर प्रतिबद्ध है।
एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) को लेकर सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण मार्च 2022 के अंत में यह 7.28 फीसदी तक गिर गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की लगातार गिरती कीमत को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि घरेलू इकाई अन्य सभी मुद्राओं के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अन्य मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैंक के मुताबले गिरावट कम है। वित्त मंत्री ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया में सबसे अधिक है।
उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि आगामी बजट सत्र में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एक बार और अनुदान की अनुपूरक मांगों को पेश किया जा सकता है। उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि आगामी बजट सत्र में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एक बार और अनुदान की अनुपूरक मांगों को पेश किया जा सकता है।
महुआ मोइत्रा की टिप्पणी पर सीतारमण का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के केंद्र सरकार के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रश्न यह नहीं है कि ‘माचिस’ किसके हाथ में है बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘माचिस’ का उपयोग लोगों के जीवन में उजाला लाने के लिए किया जबकि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद आगजनी के लिए किया गया। साथ ही कहा कि मोइत्रा पश्चिम बंगाल में अपने आसपास देखें तो ‘पप्पू’ मिल जाएंगे।
सीतारमण लोकसभा में 2022-23 के लिए अनुदान अनुपूरक मांगों के पहले बैच और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दे रही थीं। मोइत्रा ने मंगलवार को चर्चा में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि वह सरकार और वित्त मंत्री से आग्रह करती हैं कि अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करें। देश की जनता से भी आग्रह है कि जिन्हें इस देश की कमान सौंपी है, उन पर नियंत्रण करें। उन्होंने इस दौरान यह पंक्ति भी पढ़ी कि सवाल यह नहीं है कि बस्तियां किसने जलाईं, सवाल यह है कि पागल के हाथ में माचिस किसने दी?
क्या कहा था मोइत्रा ने?
इसका जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि तृणमूल सदस्य महुआ मोइत्रा ने अपने भाषण में कहा कि माचिस किसके हाथ में है। उनका यह कहना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता जनादेश देती है। इस सरकार को भी जनता ने मौका दिया है तथा हमें जनता को नजरंदाज करने की जरूरत नहीं है। माचिस किसके हाथ में कैसे उपयोग में आती है, यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाल में भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव में शानदार विजय हासिल की और चुनाव के बाद नई सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से शपथ ग्रहण की लेकिन पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद क्या हुआ था?
वित्त मंत्री ने दिया जवाब
उन्होंने कहा कि हमारे हाथ में जब मासिच थी तो हमने उज्ज्वला योजना दी, उजाला दिया, पीएम किसान योजना दी, स्वच्छ भारत अभियान चलाया। आपके (तृणमूल कांग्रेस) हाथ में माचिस आई तो आगजनी की गई, लूट हुई, दुष्कर्म हुए और भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जलाए गए। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री मुरलीधन तक सुरक्षित नहीं थे और बंगाल में चुनाव के बाद उन पर हमले हुए।
सांसद अपने आसपास देखें तो ‘पप्पू’ संबंधी सवाल का मिल जाएगा जवाब
चर्चा के दौरान मोइत्रा ने आर्थिक संकेतकों और अर्थव्यवस्था को संभालने के सरकार के तौर-तरीकों को लेकर निशाना साधते हुए यह सवाल भी किया था कि ‘असली पप्पू’ कौन है।उन्होंने कहा कि किसी को नीचा दिखाने के लिए ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। आंकड़ों के जरिये पता चलता है कि ‘असली पप्पू’ कौन है? इस पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि एक सदस्य ने पूछा था कि पप्पू कौन है और कहां मिलेगा? उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल पर विचार करें और महुआ अपने आस-पास देखें तो उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में लोगों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को दबा दिया गया है, वहां यह पूछने की जरूरत नहीं है।