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बेकाबू महंगाईः गेहूं जमाखोरों के खिलाफ कदम उठाएगी सरकार 

Tue, 19 Mar 2019 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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बड़े पैमाने पर गेहूं खरीदने वाले व्यापारियों की जांच केंद्र सरकार करा सकती है। इसकी वजह गेहूं की जमाखोरी की आशंका है। दरअसल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने खुले बाजार में 80 लाख टन गेहूं बेचा। इसके बावजूद खुदरा बाजार में गेहूं की कीमतें कम नहीं हुईं जिसके पीछे जमाखोरी का कारण सामने आ रहा है। 

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सरकार के सूत्रों के मुताबिक एफसीआई से व्यापारियों के बारे में जानकारी व आंकड़े मांगे गए हैं। इसमें इस बात की पड़ताल होगी कि किसने बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीद कर जमाखोरी कर रखी होगी। उनके खिलाफ कदम उठाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि एफसीआई द्वारा खुले बाजार में लगातार गेहूं बेचे जाने के बावजूद कीमतों में कमी नहीं आ रही है। 

एफसीआई अब तक रिकॉर्ड 80 लाख टन गेहूं खुले बाजार में उतार चुका है। माना जा रहा है कि एफसीआई से चर्चा के बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जमाखोरों के खिलाफ कदम उठाने का निर्णय लिया है। जमाखोरी की वजह से कई बार सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर प्याज और आलू की जमाखोरी के खिलाफ पिछले कुछ सालों में कड़े कदम उठाए गए हैं। 
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जमाखोरी से बढ़ रही महंगा हो रहा गेहूं
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत और मेहनत का डेढ़ गुना जरूर किया गया था। लेकिन उसकी कीमतों में असंतुलित वृद्धि की वजह यह नहीं है। ऐसे में यह साफ हो जाता है कि जमाखोरी कि वजह से गेहूं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान गेहूं की कीमतों में लगातार इजाफा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। ऐसे में वह इस मामले में हर संभव कदम उठाएगी। 

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