नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रिवर्स नीलामी की सफलता से उत्साहित नरेंद्र मोदी सरकार ने मार्च 2018 तक सौर एवं पवन ऊर्जा श्रेणी में 21 गीगावाट क्षमता की नीलामी की घोषणा की है।
यह नीलामी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के जरिये होगी। केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि मार्च 2018 तक नीलामी के तीसरे और चौथे दौर में तीन-चार गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता वाले ब्लॉक नीलाम किए जाएंगे।
नीलामी के हर दौर में डेढ़ से दो गीगावाट क्षमता शामिल की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार ने इस साल पहले और दूसरे दौर की नीलामी में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में दो गीगावाट क्षमता की नीलामी की है। साथ ही यह भी फैसला किया गया है कि वर्ष 2022 तक इस क्षेत्र में 60 गीगावाट के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
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ऐसा करने के लिए वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान दस-दस गीगावाट की पवन ऊर्जा क्षमता की बोली के जरिये नीलामी होगी। इस समय पवन ऊर्जा के क्षेत्र में स्थापित क्षमता 32 गीगावाट की है।
सरकार बोली मिलने के प्रति आश्वस्त
जहां तक सौर ऊर्जा क्षेत्र की नीलामी का संबंध है, तो सरकार मार्च 2018 तक 17 गीगावाट क्षमता की बोली मिलने के प्रति आश्वस्त है। अब तक 3.6 गीगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा की नीलामी की गई है। वर्ष 2022 तक 100 गीगावाट की सौर क्षमता के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार को वर्ष 2018-19 और 2019-20 में हर वर्ष 30 गीगावाट सौर क्षमता की नीलामी करनी होगी।
घरेलू विनिर्माण क्षमता पर जोर
ऊर्जा मंत्री आर के सिंह
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इस सवाल के जवाब में कि सौर ऊर्जा से संबंधित अधिकतर उपकरणों का आयात किया जा रहा है, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्या किया जाएगा, बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि पहले अपनी घरेलू विनिर्माण क्षमता विकसित हो जाए, फिर इन उपकरणों के आयात पर सीमा शुल्क लगाने के बारे में विचार करेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत में सौर ऊर्जा से जुड़े साजो-सामान बनाने वाले सस्ते आयात से सुरक्षा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
नीलामी के लिए एसईसीआई नोडल एजेंसी
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में होने वाली अधिकतर नीलामी के लिए भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) नोडल एजेंसी होगा। बीते अक्तूबर में जब निगम ने जब एक गीगावाट क्षमता के पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी थी, तब इसका मूल्य 2.64 रुपये प्रति यूनिट तक घट गया था। इसी तरह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी कीमत रिकॉर्ड 2.44 रुपये प्रति यूनिट तक घट गई है।
2022 तक 200 गीगावाट की उत्पादन क्षमता
बिजली मंत्री ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत वर्ष 2022 तक 175 गीगावाट के लक्ष्य के मुकाबले 200 गीगावाट की उत्पादन क्षमता आसानी से प्राप्त कर लेगा। इसी कार्यक्रम के दौरान एसईसीआई ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, पंजाब, गोवा और ओडिशा सरकारों के साथ बिजली आपूर्ति समझौते (पीएसए) पर हस्ताक्षर किया।