इस सप्ताह बाजार की चाल अमेरिका-चीन व्यापार समझौते से जुड़ी गतिविधियों, विदेशी पूंजी निकासी और नवंबर सीरीज के डेरिवेटिव सौदों के निपटान से तय होगी। निपटान का काम गुरुवार को समाप्त होगा। विश्लेषकों का कहना है कि महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी निवेशकों की निगाह होगी। इसके अलावा, रुपया एवं डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों का रुख आदि भी शेयर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दशा-दिशा दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों पर निर्भर करेगी, जो शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किया जाएगा। विभिन्न रेटिंग एजेंसियों ने खपत में कमी एवं वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए विकास दर में और गिरावट का अनुमान जताया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर पांच फीसदी रही थी।