बुधवार को केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीडीपी के तीसरी तिमाही के आंकड़ों को जारी करेगी। दूसरी तिमाही के हिसाब से तीसरी तिमाही में इकोनॉमी के बढ़त मिलती रहेगी और इसके 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है।
इंडस्ट्रियल, सर्विस सेक्टर में रहेगी मजबूती
एचडीएफसी बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट अभीक बरूआ की तरफ से जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां कृषि क्षेत्र की ग्रोथ में कमी देखने को मिली है, वहीं इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर में मजबूती देखने को मिली है। जितना नुकसान जीडीपी को कृषि सेक्टर से हुआ था उसकी भरपाई यह दोनों सेक्टर कर देंगे।
इंडस्ट्रियल सेक्टर में फिर से दिखी ग्रोथ
नोटबंदी और जीएसटी से इंडस्ट्रियल सेक्टर में एक बार फिर से मजबूती देखने को मिल रही है। आईआईपी और पीएमआई के अलावा कंपनियों नतीजों से इकोनॉमी में फिर से सुधार देखने को मिल रहा है।
सर्विस सेक्टर को घरेलू एयरलाइंस से मिला बल
सर्विस सेक्टर को बैंक में होने वाले डिपॉजिट और लोन, कार्गो, घरेलू एयरलाइंस में यात्रियों की बढ़ती संख्या और विदेश यात्रियों की बढ़ती संख्या से काफी मजबूती देखने को मिली है।
खरीफ फसल में 2.8 फीसदी की गिरावट
2017-18 में खरीफ फसलों में जो 2.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। ऐसा ही हाल रबी की फसलों में देखने को मिलेगा, जिससे कृषि सेक्टर की वजह से जीडीपी पर नकरात्मक असर देखने को मिलेगा। बैंक का आकलन है कि 2019 में जीडीपी 7.3 फीसदी के आसपास रहने की संभावना है।