चिदंबरम ने आगे पूछा कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगे टैक्स जो कमाई कर रही है, उसको गलत योजनाओं पर खर्च कर रही हैा। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
GST के दायरे में कब लेकर आएंगी पेट्रोल-डीजल
चिदंबरम ने पूछा कि केंद्र सरकार क्यों पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर टालामटोली कर रही है। उन्होंने सरकार से कहा कि इन दोनों कमोडिटी को जल्द से जल्द जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
HPCL-ONGC डील पर उठाए सवाल
चिदंबरम ने तेल मार्केटिंग कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ओएनजीसी की डील पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार ने इस डील के लिए 30 हजार करोड़ की उधारी को देने से मना कर दिया, लेकिन ओएनजीसी सरकार से एचपीसीएल के शेयर खरीदने के लिए 30 हजार करोड़ उधार लेगी। क्या इससे सरकार के चालू घाटे पर असर नहीं पड़ेगा?