वित्त मंत्रालय ने जीएसटी की ‘अनसुलझी’ समस्याओं और दो साल से रिटर्न भरने में आ रही विभिन्न परेशानियों को दूर करने की ‘धीमी’ प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने इसके लिए इन्फोसिस से सभी लंबित मुद्दों एवं दैनिक आधार पर आ रही दिक्कतों पर गौर करने और 15 दिन में भविष्य की रूपरेखा के साथ एक त्वरित समाधान योजना पेश करने को कहा है।
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने सात मार्च को इन समस्याओं के संबंध में इन्फोसिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें फैसला हुआ कि इन्फोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणि 14 मार्च को जीएसटी परिषद के समक्ष इस बारे में एक तत्काल प्रस्तुति देंगे।
इस बीच, मंत्रालय ने पांच मार्च को इन्फोसिस को पत्र लिखकर कड़े शब्दों में कहा था कि प्रणाली में आ रही कुछ दिक्कतों को 2018 की शुरुआत में ही बता दिया गया था, जिनका अब तक समाधान नहीं हुआ। महीने-दर-महीने सुधार में विफल रहने से एक ईमानदार करदाता को ‘खीझ’ होती है। हालांकि, इन्फोसिस ने मामले में टिप्पणी से इनकार कर दिया है। इसी ने जीएसटीएन के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया है।