स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों में वो पैसा शामिल नहीं था, जो भारतीय लोगों ने अन्य देशों में शैल (फर्जी) कंपनियां खोलकर उनके जरिए वहां जमा कराया है। बता दें कि जांच एजेंसियों का कहना है भारतीय अपना काला धन दूसरे देशों में घुमाकर मल्टीपल लेयर प्रणाली के जरिए स्विस बैंक तक पहुंचाते हैं।
अगले साल से काला धन छिपाना होगा बंद
स्विट्जरलैंड ने भारत समेत अन्य देशों को उनके यहां से आने वाले पैसे की अपने आप जानकारी देने का फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है। इसके चलते अगले साल से भारत को अपने देश से आने वाले पैसे का ऑटोमैटिक डाटा मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे काला धन छिपाना असंभव हो जाएगा।
निष्क्रिय खातों में एक देहरादून का
स्विस बैंक में 6 निष्क्रिय घोषित भारतीय खातों में से एक देहरादून के बहादुरचंद्र सिंह का है, जबकि दो खातेदारों पियरे वाचक व बर्नेट रोजमैरी का बंबई (अब मुंबई) का बताया गया है। अन्य तीन में पेरिस निवासी डॉक्टर मोहनलाल, लंदन निवासी एसवाई प्रभुदास और अज्ञात पते वाले किशोरी लाल शामिल हैं।