प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को एक श्रीलंकाई नागरिक और उसके पुत्र की संपत्तियों को जब्त किया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई मनी लाउंड्रिंग के एक मामले में जांच के दौरान की गई।
ईडी ने बयान जारी कर कहा है कि उसने गुनासेकरन उर्फ पेरामा कुमार और बेटे दिलीप उर्फ थिलीप के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की है। ईडी के अनुसार गुनासेकरन पर श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चंद्रिका कुमारतुंगा पर हमला करने के आरोप के आरोप लगे थे।
18 दिसंबर, 1999 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने उनके काफिले पर हमला कर दिया, जिससे कुमारतुंगा गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं।
श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चंद्रिका कुमारतुंगा पर हुए इस हमले के लिए लिट्टे को जिम्मेदार ठहराया गया था, इस हमले में 34 लोग मारे गए थे जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
ईडी ने कहा है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत तमिलनाडु में ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) पर एक बंगला और तिरुवन्नामलाई जिले में दो कृषि भूमि कुर्क करने का एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। इन संपत्तियों की कीमत 33.7 लाख रुपये है।
एजेंसी ने कहा है कि गुनासेकरन और कुछ अन्य लोगों को 2011 में तमिलनाडु की एक विशेष अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी ठहराया था, लेकिन जेल की सजा पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी पहचान बदल दी और अपराध की आय अर्जित की।
एजेंसी के अनुसार पिता-पुत्र ने एक समय में पैन, आधार और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया और भारत में अवैध रूप से रहे
तमिलनाडु में मल्टी स्क्रीन थियेटर को सीज किया गया
ईडी के अनुसार एक अन्य कार्रवाई में जांच एजेंसी ने तमिलनाडु के थंजावुर जिले में एक मल्टी स्क्रीन थियेटर को सीज कर लिया है। यह कार्रवाई चेन्नई स्थित एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी से जुड़े मामले में की गई है। यह मामला फॉरेन एक्सचेंज कानूनों के उल्लंघन का है।
ईडी ने गुरुवार को बताया है कि उक्त संपत्ति जीवी फिल्म्स लिमिटेड से संबंधित है। उन पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप है। इस मामले में 345.6 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई है।