भारतीय खुफिया एजेंसियों ने चीन से जुड़े 52 मोबाइल एप को इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। जूम, टिकटॉक, यूसी ब्राउजर और शेयरइट शामिल।
तकनीक से बढ़ाई पैठ
- चीन की बड़ी टेक कंपनियां व वेंचर कैपिटल भारत में तकनीक आधारित स्टार्टअप में निवेश के प्रमुख स्रोत बन गए हैं। वहीं, अन्य बाजारों में चीन ने भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रखा है।
- भारत में करीब 6.2 अरब डॉलर का चीनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।
- विश्लेषकों का मानना है कि भारत द्वारा नई एफडीआई नीति के तहत किया बदलाव चीन के प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी था।
चीन में सरकारी और निजी कारोबार के बीच कोई अंतर नहीं है। भारत में मीडिया, सोशल मीडिया या फिनटेक जैसे क्षेत्रों में चीन निवेश के जरिए हमारे संवेदनशील डाटा का आसानी से दुरुपयोग कर सकता है।
चीनी निवेशकों में घबराहट
भारत की सख्ती और मौजूदा तनाव को लेकर चीनी वेंचर कैपिटल निवेशक चिंतित हैं। हाल ही में कुछ मामलों में उन्होंने अनुबंध शर्तें वापस भी ले ली हैं।