नीरव मोदी द्वारा की धोखेबाजी के बावजूद भी भारत में हीरों का व्यापार इस वर्ष बढ़ेगा। विश्व में सबसे अधिक हीरे पैदा करने वाली कंपनी डी बियर्स ने यह कहा। अपने जारी बयान में डी बियर्स ने कहा कि भारत में बैंक घोटाला हुआ है, जो कि साफ तौर पर एक धोखा है। जिसके कारण लोगों की भावनाएं आहात हुई हैं। लेकिन हमारे ब्रांड फॉरएवरमार्क के मुताबिक भारत में खरीदारों की तरफ से मांग तेज है।
कारोबार में लगभग 100 फीसदी की वृद्धि
डी बियर्स ग्रुप के सीईओ ब्रूस क्लेवर ने कहा कि यह एक दुखद घटना है, लेकिन इस वर्ष भारत में व्यवसाय उलटा व अच्छा रहेगा, और 2018 में व्यवसाय में बढ़त होगी।
हीरों के भारतीय व्यापारी नीरव मोदी व उनके मामा मेहुल चौकसी ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा (13,000 करोड़ रुपये का) घोटाला किया है। यह घोटाला पंजाब नेशनल बैंक से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी कर किया गया है। केंद्र सरकार को अमेरिका में हो रही नीरव मोदी की दिवालियापन प्रक्रिया में पीएनबी के अधिकारों को बचाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
भारत व चीन हमारे लिए असाधारण अवसर
क्लेवर ने यह भी कहा कि भारतीय खरीदाताओं की भावनाएं अभी सकारात्मक हैं, जैसा की पहली तिमाही का परिणाम भारत में मजबूत रहा है। उद्योग में इस वर्ष सबसे मजबूत महीना फरवरी फिर मार्च रहा है। क्लेवर ने आगे कहा कि हम जानते हैं कि हमें अभी भी एक वस्तु व व्यवसाय के रूप में हीरों के प्रति जागरुकता फैलाने की आवश्यकता है, और इस बारे में हम इस वर्ष काफी बातचीत भी करेंगे। पिछले दो वर्षों से जीएसटी व नोटबंदी के कारण मंदी की मार झेल रहा कारोबार इस वर्ष तेजी से विकास करेगा।
फॉरएवरमार्क अभी देश के 48 बाजारों में मौजूद
उन्होंने आगे कहा कि हम उपभोक्ता बाजार में बहुत भारी व बड़े अवसर देख रहें है, और भारत व चीन हमारे लिए असाधारण अवसर हैं। फॉरएवरमार्क के भारतीय अध्यक्ष सचिन जैन ने कहा है कि पिछला वर्ष ब्रांड के लिए बहुत ही अच्छा वर्ष रहा है। हमारे कारोबार में लगभग 100 फीसदी की वृद्धि हुई है, और इस वर्ष की पहली तिमाही में भी यह सिलसिला जारी रहा। मैं छोटे व बड़े शहरों में बहुत से संगठित खुदरा व्यापारियों को उठता हुआ देख रहा हूं।
फॉरएवरमार्क अभी देश के 48 बाजारों में मौजूद है, जोकि आने वाले सालों में 52 तक पहुंच जाएगा। कंपनी का मुख्य ध्यान टियर टू व टियर थ्री शहरों पर केंद्रित है। जैन ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ कारोबार बढ़ाना ही नहीं बल्कि अपने शेयरों को अपने भागीदारों के साथ बढ़ाना भी है। दक्षिण भारत हमारे लिए सबसे फायदेमंद व मजबूत बाजार है। साथ ही कंपनी देश के उत्तरी क्षेत्र पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जो कि एक उभरता क्षेत्र है।