प्रवर्तन निदेशालय और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से तगड़ा झटका लगने के बाद विजय माल्या को डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल से भी बुरी खबर मिली है। बेंगलुरू स्थित ट्रिब्यनल ने कहा है कि डियाजिओ से मिलने वाली कुल रकम पर पहला हक स्टेट ऑफ इंडिया का होगा।
डीआरटी ने आदेश दिया है कि डियाजिओ से हुई डील के 7.5 करोड़ डॉलर (करीब 515 करोड़ रुपए) की रकम माल्या को नहीं मिलेंगे।
वहीं आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के लोन का भुगतान नहीं करने वाले उद्योगपति विजय माल्या और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस मामले में पिछले साल सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने काला धन निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।