थाईलैंड भी अब क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर कड़े नियम लागू करने वाले देशों में शामिल होने जा रहा है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन- आसियान से जुड़े ज्यादातर देश पहले ही ऐसा फैसला कर चुके हैं। अब थाईलैंड के सेंट्रल बैंक ने नए नियमों को प्रस्तावित किया है। इनके तहत क्रिप्टोकरेंसी की लेन-देन या इसके जरिए भुगतान सिर्फ लाइसेंस प्राप्त प्लैटफॉर्म्स पर ही हो सकेगा।
खबरों के मुताबिक थाइलैंड में क्रिप्टोकरेंसी का बाजार काफी फैल चुका है। फिलहाल, सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के भाव में गिरावट का दौर है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि गुजरे महीनों में बिटकॉइन की कीमत में जिस तेजी से उतार-चढ़ाव हुआ है, उसे देखते हुए ही थाईलैंड के अधिकारी ताजा कदम को उठाने के लिए प्रेरित हुए हैं। बैंक ऑफ थाईलैंड (बीओटी) ने पिछले महीने कहा था कि डिजिटल सिक्कों के भाव में अस्थिरता ऐसी समस्या है, जिससे इन्हें खरीदने और बेचने वालों दोनों को भारी नुकसान हो सकता है।
क्रिप्टो कारोबारियों की संस्था थाई डिजिटल एसेट एसोसिएशन के महासचिव नरेस लाओपन्नाराई ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- ‘बीओटी की ताजा घोषणा से बड़ी कंपनियां दबाव में आ गई हैं। उनमें वे तमाम कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने क्रिप्टो कारोबार में बड़े निवेश का एलान कर रखा था।’
विश्लेषकों का कहना है कि बीओटी के नए नियमों से सबसे ज्यादा नुकसान बड़ी कंपनियों को ही होगा। इन नियमों का खराब असर क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता पर पड़ेगा। उससे इनके भाव में गिरावट आ सकती है। नतीजा यह होगा कि जिन कंपनियों ने काफी पैसा लगा रखा है, उन्हें नुकसान उठाना होगा। बिटकॉइन वैसे ही गिरावट के दौर में है। पिछले नवंबर में इसके एक सिक्के का भाव 68 हजार डॉलर था, जो इस एक फरवरी को साढ़े 38 हजार डॉलर से कुछ ही ज्यादा रह गया था।