देशव्यापी लॉकडाउन में जरूरी सामान बेचने वाले रिटेलर्स को दुकान या स्टोर खुला रखने की इजाजत मिली थी। लेकिन डिमांड अधिक होने के कारण और सामानों की नियमित आपूर्ति न हो पाने के कारण आउट ऑफ स्टॉक की समस्या उत्पन्न हो गई और जिस वजह से इनकी बिक्री में भी भारी गिरावट देखी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक हर 10 में से 8 रिटेलर्स की दुकानों में कई सामान आउट ऑफ स्टॉक हो गए। करीब 15 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि किराना दुकानों पर कई जरूरी सामान उपलब्ध नहीं थे। वहीं, 22 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि नमकीन स्नैक्स और खाने के लिए तैयार सामान नहीं मिल पा रहे हैं।
महामारी खत्म होने के बाद खरीदारी के पैटर्न में आ सकता है बड़ा बदलाव
सर्वे में कई उद्योपतियों से भी बात की गई। इनमें से 57 फीसदी ने बताया कि देश में अगले 12 महीनों में वे ई-कॉमर्स पर ज्यादा जोर देंगे। नील्सन ने अनुमान जताया है कि महामारी खत्म होने के बाद भारतीयों की रिटेल खरीदारी के पैटर्न में बड़ा बदलाव आएगा।
उपभोक्ता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी पर ज्यादा जोर दे सकते हैं। मार्च के पहले तीन सप्ताह में ई-कॉमर्स में तेजी रही थी। पहले सप्ताह में 103, दूसरे में 87 और तीसरे में 85 फीसदी की ग्रोथ रही थी। लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद यह तेजी फिर आ सकती है।