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कोरोना से निपटने के बाद अब ई-कॉमर्स को बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगा चीन

Thu, 09 Apr 2020 05:51 AM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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चीन ई-कॉमर्स - फोटो : social media
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कोरोना के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद चीन अब इस काले अध्याय को खत्म करके नए सिरे से अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के कारगर रास्ते तलाशने में जुट गया है। विदेशी व्यापार और निवेश को फिर से मजबूती देने के लिए चीन ने 46 नए एकीकृत पायलट जोन बनाने का फैसला किया है जिससे सीमा पार से ई कॉमर्स को और बेहतर बनाया जा सके। वह अब ऑनलाइन बाजार और व्यापार को भी खासा प्रोत्साहन देने जा रहा है। चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग की अगुवाई में हुई स्टेट काउंसिल की बैठक में ये फैसला लिया गया है।

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कोविड-19 की वजह से भयानक संकट के जो चार महीने गुजरे हैं और उससे चीन समेत तमाम देशों की आर्थिक हालत चरमरा गई है। बैठक में इन चार महीनों में अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान और उसके दूरगामी प्रभावों पर भी चर्चा हुई और यह तय किया गया कि मौजूदा स्थिति में ई-कामर्स को और बढ़ाने से बेहतर कोई और विकल्प नहीं हो सकता। खासकर दुनिया के तमाम देश जब कोरोना के संकट की वजह से लॉकडाउन की स्थिति में हैं और जिसका असर वहां की अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश में बुरी तरह दिखने लगा है, ऐसे में बाहर के देशों के साथ व्यापार और निवेश के लिए ई कॉमर्स के रास्ते आसान किए जाएं। इसके लिए जो नए इन्टिग्रेटेड पायलट जोन्स बनाए जाएंगे, उससे सीमा पार से होने वाले व्यापार को बढ़ाया जा सकेगा।

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ई कॉमर्स व्यापार है बड़ा बाजार

गौरतलब है कि 2019 में सीमा पार से होने वाला चीन का ई कॉमर्स व्यापार 186.21 बीलियन युआन यानी 26.25 बीलियन डॉलर तक पहुंच चुका था। चीन में पहले से ही ई कामर्स व्यापार की सुविधा के लिए 59 इन्टिग्रेटेड यानी एकीकृत सेंटर हैं, इसके अलावा 46 ऐसे नए केन्द्र खोलने से अब इस दिशा में तेजी से काम हो सकेगा। ये एकीकृत केन्द्र खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने में बहुत कारगर साबित हो चुके हैं और ऐसे वक्त में इसकी बेहद ज़रूरत महसूस की जा रही है। इसकी वजह से व्यापारियों को वैल्यू एडेड और कंजंप्शन टैक्स में राहत मिलेगी। तमाम कंपनियां मिलकर अपने सामानों को ऑनलाइन पेश करने के लिए चीन की इस पहल का समर्थन कर रही हैं।

मीटिंग में तय किया गया कि ई कॉमर्स व्यापारियों के अबतक बकाया टैक्स में इस साल के अंत की छूट दी जाए और व्यापार में आने वाली तमाम अड़चनों को दूर करने में मदद की जाए। घरेलू बाजार को बढ़ाया जाए और व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए होने वाले 127वें चीन आयात निर्यात मेले को जून में ऑनलाइन आयोजित किया जाए। इस मेले में चीन समेत दुनिया के तमाम देशों के व्यापारियों को अपने अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ऑनलाइन ट्रेड ते इस मॉडल के जरिये व्यापारी चौबीसों घंटे अपने व्यापार को बढ़ाने और तमाम देशों के बीच करार करने, ऑर्डर लेने, ऑनलाइन पेमेंट करने से लेकर तमाम तरह की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

जाहिर है चीन ने अब खुद को कोविड-19 की भयानक त्रासदी से उबार कर खुद को एक बार फिर दुनिया के बाजार में खड़ा करने और अपने साथ तमाम देशों को जोड़कर रखने के लिए ये व्यापारिक रास्ता अपनाया है। अब देखने वाली बात होगी कि दुनिया के तमाम देश कोरोना के खतरे से कबतक मुक्त होकर अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के रास्ते खोलते हैं और व्यापारियों के सामने पैदा हुई घोर संकट की स्थिति को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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