टाटा समूह ने अपना मोबाइल फोन सेवा का कारोबार भारती एयरटेल को बेच दिया है। करीब दो साल पहले हुए इस सौदे को पूरा करने से पहले समूह को बैंकों सहित तमाम बकाएदारों को 50 हजार करोड़ रुपये चुकाने पड़े हैं। सौदे के तहत टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) ने अपनी पूरी हिस्सेदारी एयरटेल को सौंप दी है।
दो साल से चल रही थी बातचीत
गौरतलब है कि टाटा टेलीसर्विसेज और टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) देशभर में टाटा डोकोमो के नाम से मोबाइल सेवा उपलब्ध कराती थी। समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस प्राइवेट ने सौदे के तहत 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान दूरसंचार विभाग को भी किया है। शेष 40 हजार करोड़ रुपये सरकारी बैंकों सहित अन्य कर्जदाताओं को मिले हैं। भारती एयरटेल लिमिटेड और टाटा समूह के बीच करीब दो साल से सौदे को लेकर बातचीत चल रही थी।
टाटा समूह के प्रवक्ता ने दिया बयान
इस संदर्भ में टाटा समूह के प्रवक्ता ने बताया कि सौदे पर आगे बढ़ने से पहले सभी बकाएदारों को भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सौदे के तहत सभी 19 सर्किल को एयरटेल को बेच दिया गया है। इसमें से 17 सर्किल का परिचालन टाटा टेलीसर्विसेज करती थी, जबकि दो सर्किल टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) के पास थी।
जियो के आने से हुआ घाटा
मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के 2016 में दूरसंचार कारोबार में कदम रखने के बाद कई निजी कंपनियां बंद हो गईं या बिक गईं। जियो की ओर से ग्राहकों को मुफ्त और सस्ता डाटा व कॉलिंग सुविधा देने से कारोबार घाटे में चला गया था। बाजार के इसी दबाव की वजह से टाटा ने अक्तूबर 2017 में एयरटेल को कारोबार बेचने की पेशकश की। सौदे के तहत यह बिक्री पूरी तरह कर्ज मुक्त-नकदी मुक्त तर्ज पर होनी थी।