देश में कार्यरत करीब 1.75 लाख कंपनियों ने पिछले एक साल में बैंक खातों से एक करोड़ से अधिक की राशि को निकाला। खाते से निकाली गई कुल रकम 11 लाख करोड़ के पार चली गई, जिसके बाद सरकार ने 2 फीसदी टैक्स लगाने का एलान इस बार के बजट में किया है।
पैन नंबर की दी गलत जानकारी
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियों ने पैसा निकालते वक्त गलत पैन दिया या फिर इसकी भी किसी तरह से जानकारी नहीं दी है। हालांकि इनमें कई कंपनियां ऐसे भी थी जो एटीएम पर कैश का मैनेजमेंट भी करती हैं।
सरकार को मिलेगी मदद
दो फीसदी टैक्स लगाने के प्रस्ताव से सरकार की कंपनियों पर पूरी तरह से नजर बनी रहेगी, क्योंकि एडवांस टैक्स का भुगतान करते वक्त उनको क्लेम का अडजस्टमेंट करना होगा।
एक लाख पैन धारकों ने निकाला दो करोड़ रुपया
सूत्रों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 एक लाख पैन कार्ड धारकों ने बैंक खातों से करीब दो करोड़ रुपया नकद निकाला। वहीं पांच सौ कंपनियां ऐसी थीं, जिन्होंने 100 करोड़ से अधिक की नकद निकासी बैंक खातों से की थी।
सरकार रखती है नजर
सरकार देश भर के सभी चालू व बचत खातों पर नजर रखती है, जिनमें एक साल के अंदर 50 लाख रुपये से ज्यादा की नकद निकासी होती है। यह डाटा बैंकों की तरफ से सरकार को मुहैया कराया जाता है।
डिजिटल ट्रांजेक्शन को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के एक सूत्र का कहना है कि इस कदम से कंपनियों में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि कंपनियों के लिए इतने ज्यादा नकद ट्रांजेक्शन करने की कोई जरूरत नहीं है। 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए क्यूआर कोड आधारित यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, एनईएफटी और आरटीजीएस करने को जरूरी किया जाएगा।