सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन से पहले बुक किए गए (25 मार्च से तीन मई तक की यात्रा के लिए) एयर टिकट के पूरे पैसे लौटाए जाने की मांग वाली याचिका पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशलय (DGCA) से जवाब मांगा है। याचिका प्रवासी लीगल सेल, एनजीओ द्वारा दायर की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि विभिन्न एयरलाइन कंपनियां लॉकडाउन से पहले बुक किए गए टिकटों पर रिफंड नहीं दे रही है। लॉकडाउन के बाद बुक किए टिकटों पर मंत्रालय के निर्देश के बाद एयरलाइंस पैसे लौटा रही हैं, लेकिन पहले की बुकिंग पर कंपनियों ने चुप्पी साधी हुई है।
अभी बंद है टिकट बुकिंग
मालूम हो कि डीजीसीए ने एक सर्कुलर जारी करते हुए सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि वह अभी किसी तरह की घरेलू या अंतरराष्ट्रीय टिकट की बुकिंग न करें। इसमें कहा गया था कि लॉकडाउन समाप्त होने यानी तीन मई के बाद से उड़ानों के संचालन से संबंधित अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। डीजीसीए ने यह फैसला सरकार के दखल देने के बाद लिया था।
बता दें कि एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए चार मई और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक जून की तिथि से टिकट बुकिंग की ऑनलाइन सेवा शुरू कर दी थी। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देश पर उसने भी टिकट बुकिंग रोक दी है। मंत्रालय ने कहा है कि टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एयरलाइंस अभी सरकार के फैसले का इंतजार करें।
यात्रियों की संख्या में 30 फीसदी की कटौती संभव
पिछले सप्ताह केयर रेटिंग्स ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष के दौरान विमान यात्रियों के आवागमन में 30 फीसदी तक कमी आ सकती है, जबकि इससे पहले उसका अनुमान था कि ये आंकड़ा 20 से 25 फीसदी के बीच रहेगा।
महंगी होगी हवाई यात्रा
इसके साथ ही रेटिंग एजेंसी ने यह अनुमान भी लगाया है कि सामाजिक दूरी के नियमों के चलते हवाई यात्रा महंगी होगी। देश में लॉकडाउन के चलते सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानों को 25 मार्च से तीन मई तक निलंबित कर दिया गया है।