देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलाइंस इंडस्ट्रीज ने अबू धाबी पेट्रोरसायन केंद्र में निवेश के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। हालांकि निवेश राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इस संदर्भ में कंपनी ने एक बयान में कहा कि तेल से लेकर दूरसंचार सेवाएं देने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज यूएई की सरकारी कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (Adnoc) की रुवाइस परियोजना में शामिल होगी।
समझौते की रकम के बारे में जानकारी नहीं
कंपनी ने कहा कि, 'अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) ने रिलायंस के रुवाइस, अबू धाबी में टीएजेडआईजेड में एक नए विश्व-स्तरीय क्लोर क्षार, एथिलीन डाइक्लोराइड और पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) उत्पादन सुविधा में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।' बयान में समझौते की रकम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
एडीएनओसी और रिलायंस की ताकत को मजबूत करने में होगी मदद
आगे बयान में कहा गया कि, 'यह समझौता महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चे माल की बढ़ती मांग को भुनाने और वैश्विक औद्योगिक तथा ऊर्जा प्रमुख के रूप में एडीएनओसी और रिलायंस की ताकत को मजबूत करने में मदद करेगा।' कंपनी ने कहा कि परियोजना का संचालन टीएजेडआईजेड औद्योगिक रसायन क्षेत्र में किया जाएगा, जो एडीएनओसी और एडीक्यू के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
हरे निशान पर रिलायंस का शेयर
आज रिलायंस का शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में 2087.80 के स्तर पर बंद होने के बाद आज यह 2,096.25 के स्तर पर खुला। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 13.95 लाख करोड़ रुपये है।
सूत्रों के मुताबिक इसी हफ्ते आबू धाबी में इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। मालूम हो कि दोनों कंपनियों ने डेढ़ साल पहले ब्रॉड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे। इससे भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में रिश्ते और मजबूत होंगे। Adnoc के साथ रिलायंस की इस डील से विकास की संभावनाएं हैं। यह कंपनी भारत के स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व प्रोग्राम में पहली विदेशी पार्टनर है।