रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के मामले में बातचीत फिर से शुरू कर रही हैं। कोरोना वायरस महामारी के चलते यह डील रुक गई थी। लेकिन दोनों कंपनियां इस डील को लेकर प्रतिबद्ध हैं और अरामको इस मामले में रिलायंस की असेट्स की फिजिकल इंस्पेक्शन (निरीक्षण) करना चाहती है।
मुकेश अंबानी ने भी दिए थे संकेत
इससे पहले 15 जुलाई 2020 को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के चलते बनी अभूतपूर्व परिस्थितियों के चलते सऊदी अरामको के साथ प्रस्तावित डील समय से नहीं हो पा रही है। लेकिन हम सऊदी अरामको के साथ अपने दो दशक से ज्यादा के कारोबारी संबंधों का सम्मान करते हैं और उसके साथ लंबी अवधि की भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अरामको के सीईओ ने भी किया था एलान
वहीं अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमीन नासर ने कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा करते समय कहा कि, 'रिलायंस के साथ हमारी बातचीत जारी है, हम रिलायंस डील के बारे में अपने शेयरधारकों को उचित समय पर अपडेट करेंगे।'
50 फीसदी घटा अरामको का मुनाफा
मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी के चलते सऊदी अरामको का मुनाफा वर्ष 2020 की पहली छमाही में 50 फीसदी घट गया। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 2020 की पहली छमाही में उसका मुनाफा घटकर 23.2 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 46.9 अरब डॉलर था। कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में अरामको का मुनाफा 73 फीसदी घटकर 6.6 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 24.7 अरब डॉलर था।