आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने से पहले डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा एक इंश्योरेंस कंपनी को खरीदना चाहते हैं। इसके लिए पेटीएम शर्मा की निवेश कंपनियों को लोन दे सकती है।
शर्मा की कंपनियों को 740 करोड़ का लोन दे सकती है पेटीएम
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए पेटीएम विजय शेखर शर्मा की निवेश कंपनियों को 740 करोड़ रुपये का लोन देना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक, इसका इस्तेमाल जनरल इंश्योरेंस कंपनी Raheja QBE को खरीदने में किया जाएगा। मालूम हो कि एक साल पहले पेटीएम और रहेजा क्यूबीई के सौदे की घोषणा हुई थी। पेटीएम का शर्मा की दो कंपनियों- वीएसएस होल्डिंग्स और वीएसएस इन्वेस्कटको को 740 करोड़ रुपये का लोन देने का प्रपोजल है।
इस साल आ सकता है पेटीएम का आईपीओ
हाल ही में पेटीएम के बोर्ड ने इस साल अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 22,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी थी। अगर कंपनी अपनी योजना के अनुरूप लक्ष्य हासिल करने में सफल रहती है तो यह देश में सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है।
शेयरधारकों में अलीबाबा का ऐंट ग्रुप और सॉफ्टबैंक भी शामिल
पेटीएम के शेयरधारकों में अलीबाबा का ऐंट ग्रुप (29.71 फीसदी), सॉफ्टबैंक विजन फंड (19.63 फीसदी), सैफ पार्टनर्स (18.56 फीसदी), विजय शेखर शर्मा (14.67 फीसदी) हिस्सेदार हैं। एजीएच होल्डिंग, टी रोव प्राइस एवं डिस्कवरी कैपिटल और बर्कशायर हैथवे के पास कंपनी में कुल मिला कर 10 फीसदी से कम हिस्सेदारी है।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।