ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल
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हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की कंपनी ओयो रूम्स को सहायक कंपनी ओयो होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड (OHHPL) के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया के मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLAT) से राहत मिली है। एनसीएलएटी ने ओएचएचपीएल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया में क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) के गठन पर रोक लगा दी है।
जानिए पूरा मामला
गुड़गांव बेस्ड येलो वाइट रेजीडेंसी होटल और ओयो होटल्स एंड होम प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ओयो को येलो वाइट होटल चलाने और मैनेज करने का एकाधिकार दिया गया। हर महीने की 10 तारीख तक ओयो को 4.5 लाख का बेंचमार्क रेवेन्यू देना होता। इस भुगतान को लेकर ही दोनों कंपनियों में तनातनी है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 16 लाख रुपये की रिकवरी के लिए ओयो की सहायक कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू किए जाने के संबंध में दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था।
ओयो और येलो वाइट रेजीडेंसी होटल का पक्ष
इस संदर्भ में ओयो ने कहा कि, 'एनसीएलएटी ने हमारी सहायक कंपनी की याचिका को स्वीकार कर लिया और ओएचएचपीएल के खिलाफ दायर इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) प्रक्रिया में सीओसी गठित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। मालूम हो कि ओयो ने अपनी सहायक कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसे क्रेडिटर को 16 लाख रुपये देने हैं। कंपनी का कहना है कि यह रकम दावेदर के पास जमा कर दी गई है। वहीं येलो वाइट रेजीडेंसी होटल के मालिक राकेश यादव का कहना है कि ओयो होटल्स का उन पर जुलाई और दिसंबर 2019 के बीच के बेंचमार्क रेवेन्यू के तौर पर 16 लाख रुपये का बकाया है।
सोशल मीडिया पर उड़ी थी अफवाह
एनसीएलटी ने जब इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दी, तो सोशल मीडिया पर ओयो के दिवालिया होने की अफवाह उड़ गई थी। इसके चलते ओयो रूम्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितेश अग्रवाल ने ट्वीट कर सफाई भी दी थी कि इसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा था कि जिन 16 लाख रुपयों को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसे कंपनी ने चुका दिए हैं।
महामारी के प्रभाव से उबर रही है ओयो
ओयो महामारी के प्रभाव से धीरे-धीरे उबर रही है और हमारे सबसे बड़े बाजारों में कंपनी मुनाफे के साथ परिचालन कर रही है। पिछले महीने रितेश अग्रवाल ने कहा था कि ओयो का भारत कारोबार अब सकारात्मक राह पर चल पड़ा है। जनवरी 2021 के बाद से कंपनी वैश्विक कारोबार में कोविड-पूर्व के स्तर पर सकल मुनाफा अर्जित करने लगी है। वर्ष 2021 में ओयो सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हमें भारत भर में इसमें सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इसके साथ ही यूरोप और दक्षिण पूर्वी एशिया में भी कंपनी का कारोबार सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। कोविड- 19 संकट के दौरान कंपनी का बने रहना और उसके बाद इसके आगे बढ़ना यह दिखाता है कि हम एक मजबूत बुनियाद और बेहतर संभावनाओं वाली कंपनी है।