फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार द्वारा BPCL की हिस्सेदारी बेचने से पड़ेगा कंपनी पर असर, घट सकती है रेटिंग

Wed, 27 Nov 2019 10:08 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को बेचने के भारत सरकार के फैसले के मद्देनजर मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस कंपनी की रेटिंग घटाने को लेकर समीक्षा कर रहा है। 

रेटिंग घटाने को लेकर हो रही समीक्षा 

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि बीपीसीएल में अपनी पूरी 53.29 फीसदी हिस्सेदारी बेचने और उसके प्रबंधन नियंत्रण को रणनीतिक खरीदार के पास हस्तांतरित करने के सरकार के फैसले के बाद रेटिंग घटाने को लेकर समीक्षा की जा रही है। 

इतनी हो सकती है रेटिंग 

समीक्षा के बाद वह बीपीसीएल की रेटिंग को बीएए2 से घटाकर बीए1 कर सकता है, जबकि इसकी अनुषंगी इकाई भारत पेट्रोरिसोर्सेज लिमिटेड की रेटिंग को घटाकर बीएए2 नकारात्मक कर सकता है। 

20 नवंबर को लिया था फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 20 नवंबर को एक रणनीतिक निवेशक को प्रबंधन नियंत्रण के साथ सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचकर बीपीसीएल के निजीकरण का निर्णय लिया था।

55 हजार करोड़ की है बीपीसीएल

बीपीसीएल की नेटवर्थ फिलहाल 55 हजार करोड़ रुपये है। अपनी पूरी 53.29 फीसदी बेचकर सरकार का लक्ष्य 65 हजार करोड़ रुपये की उगाही करने का है। पिछले साल सरकार ने ओएनजीसी पर एचपीसीएल के अधिग्रहण के लिए दबाव डाला था। इसके बाद संकट में फंसे आईडीबीआई बैंक के लिए निवेशक नहीं मिलने पर सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में एलआईसी को बैंक का अधिग्रहण करने को कहा था। सरकार विनिवेश प्रक्रिया के तहत संसाधन जुटाने के लिये एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (ईटीएफ) का भी सहारा लेती आई है। 

मार्च तक पूरी हो सकती है बिक्री की प्रक्रिया 

बीपीसीएल की बिक्री की प्रक्रिया आगामी वर्ष मार्च तक पूरी होने की संभावना है। सरकार ने बीपीसीएल के निजीकरण के लिए समयसीमा निर्धारित करते हुए कंपनी की परिसंपत्तियों के मूल्यांकन की रिपोर्ट 50 दिन के भीतर देने को कहा है।

विज्ञापन


बता दें कि कंपनी की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन 'परिसंपत्ति मूल्यांकनकर्ता' द्वारा किया जाएगा। जब ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तब सरकार कंपनी की हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोलियां आमंत्रित करेगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें