दुनिया की सबसे पुरानी और बड़ी टूर एंड ट्रैवल कंपनी (178 साल पुरानी) थॉमस कुक ( Thomas Cook ) दिवालिया हो गई है। ब्रिटिश सरकार और निजी निवेशकों से बेलआउट पैकेज लेने में विफल रहने की वजह से कंपनी को अपना कारोबार बंद करना पड़ा। इस अचानक उठाए गए कदम का नतीजा यह है कि पूरी दुनिया में लगभग छह लाख पर्यटक फंस गए हैं, जिनमें से डेढ़ लाख से ज्यादा पर्यटक ब्रिटिश नागरिक हैं। ये वो पर्यटक हैं, जिन्होंने अपनी यात्रा, होटल और घूमने-फिरने की बुकिंग थॉमस कुक के जरिये की थी।
थॉमस कुक ने ग्राहकों के लिए सहायता नंबर +44 1753 330 330 जारी किया है। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने अपने ग्राहकों को लिए एक खास वेबसाइट ( thomascook.caa.co.uk ) भी बनाई है। इस वेबसाइट के जरिए ग्राहकों को सभी जानकारी मिल जाएगी।
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने ग्राहकों को सुझाव दिया है कि जब तक उनकी टिकट कन्फर्म नहीं हो जाती, तब तक वो एयरपोर्ट के लिए न निकलें।
बता दें कि थॉमस कुक इंडिया (भारत में थॉमस कुक संचालित करने वाली कंपनी) ने 21 सितंबर को ही कह दिया था कि वह ब्रिटेन की थॉमस कुक पीएलसी से संबंधित नहीं है। थॉमस कुक इंडिया पूरी तरह अलग कंपनी है और इसका स्वामित्व कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशल होल्डिंग्स के पास है। इसलिए थॉमस कुक पीएलसी के बंद होने से भारतीय कंपनी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साल 2012 में ही थॉमस कुक यूके ने थॉमस कुक इंडिया की हिस्सेदारी फेयरफैक्स को बेच दी थी।
थॉमस कुक इंडिया ने भी ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की है कि उसका थॉमस कुक पीएलसी (यूके) से कोई संबंध नहीं है। थॉमस कुक इंडिया ने ट्वीट में बताया कि उसका स्वामित्व कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशल होल्डिंग्स के पास है। इसलिए यात्री थॉमस कुक इंडिया से टिकट बुक करा सकते हैं और उसकी सभी सुविधाओं का लाभ पहले की तरह ही मिलेगा। भारत में थॉमस कुक संचालित करने वाली कंपनी ने बताया कि 2012 में ही थॉमस कुक यूके ने थॉमस कुक इंडिया की हिस्सेदारी फेयरफैक्स को बेच दी थी।