संकट से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने अपने कर्मचारियों के अगस्त माह के वेतन का भुगतान कर दिया है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पीके पुरवार ने इस बात की पुष्टि की कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए कोष जारी कर दिया गया है।
कर्मचारियों को मिला वेतन
पुरवार ने कहा कि कर्मचारियों को अब उनका वेतन मिल गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने वेतन का भुगतान आंतरिक संसाधनों से किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) और बीएसएनएल को लगातार घाटा हो रहा है। इससे पिछले कुछ समय से उन्हें अपने कर्मचारियों का वेतन देने में भी परेशानी आ रही है।
कंपनी का घाटा बढ़कर 14,000 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2018-19 तक बीएसएनएल का घाटा बढ़कर 14,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी की आमदनी भी घटकर 19,308 करोड़ रुपये रह गई। बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या 1,65,179 है।
बचाव योजना पर काम कर रही सरकार
सरकार का दूरसंचार विभाग पिछले कुछ समय से दोनों कंपनियों के लिये बचाव योजना पर काम कर रहा है। इसके लिये पुनरूत्थान पैकेज पर काम चल रहा है। पैकेज में कंपनी के कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, संपत्तियों को बेचकर धन जुटाना और 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल है।
वेतन पर होता है सबसे ज्यादा खर्च
एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी संकट चल रहा है। दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसदी हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबले, निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 से फीसदी फीसदी होता है।