कंपनी इसके तहत हैंडीक्रॉफ्ट उत्पाद, टेक्सटाइल, चमड़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को बेचने की तैयारी में है। पहले साल कंपनी इसके तहत देश भर से 50 हजार कारोबारियों को अपने साथ जोडऩे की तैयारी में है। कंपनी इन कारोबारियों के उत्पाद की बिक्री के लिए लॉजिस्टिक सहयोग भी देगी।
छोटे कारोबारियों को अपने साथ जोडऩे के लिए फ्लिपकार्ट ने इस संबंध में एमएसएमई क्षेत्र के एसोसिएशन फिसमे और नेशनल सेंटर फॉर डिजाइन एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट के साथ भी समझौता किया है।
बुधवार को समझौते की घोषणा करते हुए फ्लिपकार्ट वाइस प्रेसिडेंट अंकित नागौरी ने कहा कि इस कदम के जरिए हम पहले साल में 50 हजार कारोबारियों को अपने साथ जोड़ेंगे। इसके अलावा देश भर में छोटे कारोबारियों के क्लस्टर तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर होगा। कंपनी की इस साल के अंत तक 10-12 क्लस्टर को अपने साथ जोडऩे की योजना है।
देश में इस समय 2.61 करोड़ छोटे और मझोले कारोबारी हैं। जिनमें से 95 फीसदी के करीब असंगठित क्षेत्र में हैं। एमएसएमई सेक्टर की देश के कुल मैन्यूफैक्चरिंग में 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।