एयरलाइन का नियंत्रण तथा मालिकाना हक खोने के खिलाफ सरकार को चेतावनी देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि एयरलाइन का नियंत्रण व प्रबंधन किसी भारतीय कंपनी के पास ही रहना चाहिए।
कंसोर्टियम भी लगा सकती है बोली
बोलियां एक कंपनी या किसी कंसोर्टियम के हिस्से के रूप में लगाई जा सकती हैं। कंसोर्टियम के साथ बैंक, वेंचर कैपिटल, वित्तीय संस्थान या कोष हो सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि अधिग्रहण में दिलचस्पी जताने वाले बोलीदाताओं द्वारा प्राप्त सवालों के बाद सरकार अपनी प्रतिक्रिया लेकर आएगी।
उन्होंने कहा कि छंटनी को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सरकार उद्योग के सबसे अच्छे नियमों का अनुसरण करेगी। केंद्र सरकार एयरलाइन में 24 फीसदी की हिस्सेदारी रखेगी। एयर इंडिया को खरीदने वाले बोलीदाता को कम से कम तीन साल तक उसे अपना निवेश बनाए रखना होगा।