घाटे में चल रही देश की सबसे पुरानी निजी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली अबू धाबी स्थित कंपनी एतिहाद अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने को राजी हो गई है। इसके लिए नरेश गोयल काफी महीनों से इंतजार कर रहे थे।
एतिहाद ने जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदने के लिए गुरुवार को अपना टेंडर जमा कर दिया है। इससे एसबीआई के अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने राहत की सांस ली है। जेट ने गुरुवार को ही अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन रद्द कर दिया था।
बैंक पिछले दो महीने से एतिहाद को अपना निवेश बढ़ाने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे। अब माना जा रहा कि एतिहाद, जेट एयरवेज में अपनी हिस्सेदारी को 49 फीसदी तक बढ़ा सकती है।
राष्ट्रीय निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईफ) ने जेट एयरवेज में 1900 करोड़ रुपये का निवेश करने पर अपनी सहमति जताई है। यह निवेश वो टीपीजी कैपिटल फंड के साथ मिलकर करेगी, ताकि उसके पास इसका मालिकाना हक आ जाए। जेट के पास इतनी अचल संपत्ति भी नहीं है कि उसको दिवालिया प्रक्रिया के तहत ले जाया जाए। इसके साथ में निजी इंडिगो पार्टनर भी बोली में भाग ले सकते हैं। वहीं विदेशी एयरलाइन कंपनियां डेल्टा और एयर फ्रांस के साथ भी बातचीत चल रही है।