कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) देश भर में स्थित सरकारी और निजी कंपनियों से उनके यहां कार्यरत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों का डाटा मांग रही है। सरकार ऐसी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही ऐसे कर्मचारियों के पीएफ खाते में अपनी तरफ से अंशदान भी करेगी। इसका फायदा निजी कर्मचारियों को भी मिलेगा।
श्रम मंत्रालय ने सकारात्मक पहल करते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को रोजगार देने वाली सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रहा है। समझा जाता है कि श्रम मंत्रालय ने इस बारे में एक प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने 136 क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिये सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में काम करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों के आंकड़े जुटा रहा है। श्रम मंत्रालय सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग द्वारा कराए जा रहे एक अध्ययन के जरिये ईपीएफओ से आंकड़े जुटा रहा है। इससे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की नियुक्ति के लिए कंपनियों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों के वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।