विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को कहा कि प्रैट एंड व्हिटनी से एयरलाइनों को अतिरिक्त इंजन की सहज उपलब्धतता सुनिश्चित कराने को कहा गया है। साथ ही कहा कि वह जरूरत पड़ने पर “सख्त से सख्त कार्रवाई” करेगा।
डीजीसीए ने गौर किया कि 40 प्रतिशत भारतीय घरेलू विमानों में नियो इंजन लगे हुए हैं और इसलिए इनके परिचालनों को पूरी तरह बंद करने की कोई भी त्वरित प्रतिक्रिया गंभीर परिणाम वाली साबित हो सकती है।
दो किफायती एअरलाइन- गोएयर और इंडिगो- पीएंडडब्ल्यू इंजन में तकनीकी खामियों का सामना कर रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के ए320 विमानों में यह इंजन लगा हुआ है। डीजीसीए अपने सभी साझेदारों को आश्वस्त करना चाहता है कि हम इस स्थिति से अवगत हैं और जरूरत पड़ने पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।
इन दो एअरलाइनों के बेड़ों में शामिल पीएंडडब्ल्यू इंजन से चलने वाले ए320 नियो प्लेन, 2016 में इनको शामिल किए जाने के बाद से उड़ान के दौरान और उड़ान भरने से पहले तकनीकी गड़बड़ियों का सामना कर रहे हैं। इसके चलते कुछ विमानों का परिचालन बंद भी करना पड़ा।
डीजीसीए ने अपने बयान में कहा है कि प्रैट एंड व्हिटनी) को इंजन हटाए जाने के चलते विमान का परिचालन रोके जाने से बचने के लिए भारतीय परिचालकों के लिए अतिरिक्त इंजनों की उपलब्धतता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।’’