रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि भारतीय कंपनियों का ऋण अनुपात चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऋण अनुपात का मतलब किसी कंपनी की आय के सापेक्ष उसके कर्ज दायित्व से है।
सितंबर 2019 से मार्च 2020 तक क्रेडिट रेशियो 0.77% हो गया, जो पहले छह महीने 1.21% था। इसी अवधि में आय के मुकाबले कर्ज की खपत 0.25% से 1.24% हो गई। देश में 35 औद्योगिक क्षेत्रों पर 23 लाख करोड़ का कर्ज है।
लॉकडाउन से रोजाना 35.38 हजार करोड़ का नुकसान
कोरोना संकट से जारी लॉकडाउन से रोजाना 35.38 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च लिमिटेड ने बताया कि कारोबार ठप होने और यातायात व हवाई सेवा बंद होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को 21 दिन के लॉकडाउन में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार, 2020-21 में विकास दर 2 से 3 फीसदी तक रह सकती है, जिसमें थोड़ा बहुत सुधार दूसरी छमाही में ही आने की उम्मीद है।