सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम बीईएमएल में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छुक कंपनियों के लिए प्रारंभिक बोली जमा करने की समयसीमा बढ़ा कर 22 मार्च 2021 कर दी है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एक प्रपत्र में यह जानकारी दी है। शुरू में बोली जमा करने को एक मार्च तक का समय रखा गया था।
इन क्षेत्रों में काम करती है कंपनी
कंपनी रक्षा, रेल, बिजली, खनन और अवसंरचना के क्षेत्र में काम करती है। बीईएमएल लिमिटेड में रणनीतिक विनिवेश के तहत 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए आशय पत्र जनवरी में आमंत्रित किए थे। अभी इसमें सरकार 54.03 फीसदी की मालिक है।
सरकार को प्राप्त हो सकते हैं 1,000 करोड़ रुपये
बॉम्बे शेयर बाजार में बीईएमएल का शेयर शुक्रवार को 0.84 फीसदी बढ़कर 1,079.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। वर्तमान शेयर मूल्य पर कंपनी की 26 फीसदी हिससेदारी से सरकार को 1,000 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं। सरकार ने 2016 में इस कंपनी में प्रबंधन नियंत्रण हस्तांतरित करने के साथ 26 फीसदी हिससेदारी बेचने का फैसला किया था।
इन कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
सरकार ने बीपीसीएल, एयर इंडिया, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बीईएमएल, पवन हंस, नीलाचल इस्पात निगम में प्रबंधन नियंत्रण के साथ अपनी बहुलांश हिस्सेदारी को बेचने का ऐलान किया है।
इसलिए बनाई निजीकरण की योजना
दरअसल इस समय केंद्र सरकार विनिवेश पर ज्यादा ध्यान दे रही है। सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बेचकर सरकार राजस्व को बढ़ाना चाहती है और उस पैसे का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं पर करना चाहती है। सरकार ने 2021-22 में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके मद्देनजर सरकार ने देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में भी अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। इससे पहले 2019-20 के अंतरिम बजट के दौरान, सरकार ने कहा था कि विनिवेश के जरिए उनका 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। बाद में सरकार ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 1.05 लाख करोड़ रुपये कर दिया था।