फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाने से पहले अपनी संपत्तियों का लेखा-जोखा दे गए कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ

Wed, 31 Jul 2019 06:27 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

29 जुलाई की रात से लापता कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ का शव मिल गया है। 36 घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद उनका शव मंगलूरू में नेत्रावती नदी के किनारे मिला। 30 जुलाई को उनका एक खत मीडिया में चर्चित हुआ, जिसे उन्होंने कैफे कॉफी डे के कर्मचारियों और निदेशक मंडल को लिखा था। इससे पता चला कि वे काफी परेशान थे। अपनी चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि, 'जिन लोगों ने मुझ पर विश्वास किया उन्हें निराश करने के लिए मैं माफी चाहता हूं।'

विज्ञापन


आत्महत्या से पहले लिखी चिट्ठी में सिद्धार्थ ने अपनी सभी संपत्तियों और परिसंपत्तियों की एक सूची भी दी थी।

  • सिद्धार्थ के पास एक रियल्टी वेंचर टैंग्लिन था, जिसके पास मौसूर रोड पर 90 एकड़ की जमीन है। अगले एक साल में इस जमीन से 250 करोड़ रुपये के रेंटल की उम्मीद थी। इतना ही नहीं, टैंग्लिन के पास मंगलूरू में भी 21 एकड़ जमीन है। बंगलूरू में कंपनी के पास 3600 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है। वहीं मंगलूरू में कंपनी के पास 4000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है। 
  • सिद्धार्थ के मशहूर कैफे चेन, कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड के 1600 स्टोर्स और 500 एक्सप्रेस स्टोर्स हैं। कंपनी के पास 54000 वेंडिंग मशीन भी हैं। उन्हें कैफे बिजनेस से मार्च 2019 में 2200 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद थी।
  • कंपनी की वैल्यू उसके रेवेन्यू से तीन से चार गुना ज्यादा यानी 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये है। 
  • चिट्ठी के मुताबिक, कंपनी अगले साढ़े तीन साल में आसानी से 45,000 वेंडिंग मशीन लगा सकती है। यह कंपनी की क्षमता और ताकत है। 
  • निर्यात की बात करें, तो चिकमंगलूरू स्थित क्योरिंग वर्क्स एंड रोस्टिंग फैक्ट्री 150 से 200 करोड़ रुपये तक का निर्यात करती है। इसके पास 30 एकड़ जमीन भी है। कॉफी डे 20,000 टन की कॉफी बीन निर्यात करती है।
  • उन्होंने यह भी लिखा कि कंपनी की कोका-कोला और आईटीसी के साथ पार्टनरशिप की बात चल रही है।
  • प्लांटेशन की बात करें, तो इसकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये है। कंपनी के पास 12000 एकड़ से ज्यादा की कॉफी की खेती है। खेती के सामान को देखते हुए, अगले दो से तीन सालों में छह से 6500 टन की कॉफी की खेती की जा सकती है।
  • कंपनी के पास नौ लाख से भी ज्यादा के सिल्वर ओक पेड़ हैं। अन्य टिंबर एसेट की कीमत 2300 करोड़ रुपये है।
  • साल 2000 में बनी वे टू वेल्थ सिक्योरिटीज लिमिटेड (way2wealth securities ltd) हर साल पांच करोड़ से ज्यादा का ईबिड्टा जनरेट करती है। ईबिड्टा का मतलब होता है ब्याज, कर, विमूल्यन और लोन देने से पहले की आय। इससे कंपनी की वित्तीय जानकारी और अधिक स्पष्ट हो जाती है। 
  • सिद्धार्थ के हॉस्पिटैलिटी ब्रांड सेरई के पास तीन संपत्तियां हैं। कंपनी का अंडमान स्थित बेयरफुट रिसॉर्ट्स में भी शेयर है। इसकी कीमत 300 करोड़ रुपये है।
  • सीसीडी ने मार्च 2019 में खत्म हुई तिमाही में 76.9 करोड़ रुपये की स्टैंडअलोन नेट सेल्स दर्ज की थी। मार्च तिमाही में सीसीडी को 22.28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उससे सालभर पहले की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 16.52 करोड़ रुपये का था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें