देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अपने कर्मचारियों को बाजार मूल्य से एक-तिहाई दाम पर शेयर विकल्प की पेशकश की है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीपीसीएल ने निजीकरण से पहले कंपने अपने कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए यह कदम उठाया है।
निदेशक मंडल की बैठक में दी गई मंजूरी
इस संदर्भ में शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि उसके निदेशक मंडल की हुई बैठक में प्रस्तावित कर्मचारी शेयर खरीद योजना (ईएसपीएस) को मंजूरी दी गई। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। हालांकि, बीपीसीएल ने इसका ब्योरा नहीं दिया है, लेकिन मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि बीपीसीएल ट्रस्ट फॉर इन्वेस्टमेंट इन शेयर्स के पास कंपनी की चुकता शेयर पूंजी में 9.33 फीसदी हिस्सेदारी है।
सरकार की शेयरधारिता में बदलाव नहीं
इसमें से दो फीसदी हिस्सेदारी की पेशकश कर्मचारियों को पिछले छह माह के औसत दाम के एक-तिहाई मूल्य पर की जाएगी। कंपनी में सरकार की शेयरधारिता में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 फीसदी हिस्सेदारी रणनीतिक निवेशक को बेचने जा रही है। कंपनी के निजीकरण के लिए अनुरोध पत्र (ईओआई) देने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
बोली लगाने की इच्छुक कंपनियों को लेनी होगी सुरक्षा मंजूरी
मालूम हो कि सरकार ने कहा है कि बीपीसीएल के अधिग्रहण के लिए बोली लगाने की इच्छुक कंपनियों को आवश्यक सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) के स्तर पर उन्हें इसकी जानकारी दी जाएगी।
शुरुआती पीआईएम प्रावधान के अनुसार, आवश्यक सुरक्षा मंजूरी यदि जरूरी हुई, तो इसे भारत सरकार के निर्देश के अनुसार हासिल करना होगा। प्रत्येक क्यूआईपी को वित्तीय बोली जमा कराते समय सुरक्षा मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा।