देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार विप्रो के संस्थापक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अजीम प्रेमजी 30 जुलाई को रिटायर हो गए हैं। अजीम प्रेमजी के बाद यह पद उनके बेटे रिशद प्रेमजी को मिला है। 42 वर्षीय रिशद ने अब तक कई बार अपनी क्षमताएं साबित की है।
कौन हैं रिशद प्रेमजी
- रिशद ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रैजुएशन और वेस्लिन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है।
- रिशद को साल 2014 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने यंग ग्लोबल लीडर की उपाधि से नवाजा था।
- रिशद ने विप्रो से पहले लंदन में बेन एंड कंपनी में भी काम किया है। इस कंपनी में उन्होंने कंज्यूमर प्रोडक्ट, ऑटोमोबिल, टेलीकॉम और इंश्योरेंस से जुड़े कई प्रोजेक्ट पर काम किया है।
- बेन एंड कंपनी के बाद उन्होंने अमेरिका में जीई कैपिटल में भी काम किया।
- साल 2007 में रिशद विप्रो की लीडरशिप टीम का हिस्सा बने और आठ साल बाद उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल किया गया। वे कंपनी के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर भी रह हैं।
- 2015 में करीब 700 करोड़ रुपये से उन्होंने विप्रो वेंचर्स की शुरुआत भी की थी। यह वेंचर बेहतर संभावनाओं वाले स्टार्टअप में पैसे निवेश करता है।
और बेहतर होगा विप्रो का भविष्य
अपनी आखिरी एजीएम में अजीम प्रेमजी ने विप्रो के भविष्य पर कहा था कि कंपनी की स्ट्रैटेजी को सफल बनाने के लिए हम प्रमुख रूप से चार क्षेत्रों- डिजिटल, क्लाउड, इंजीनियरिंग सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्यों पर टिके रहकर नई ऊंचाइयां छूएगी और भरोसा जताया कि विप्रो का भविष्य और भी बेहतर होगा।
मार्च में किए थे 34 फीसदी शेयर दान
आईटी दिग्गज और विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने विप्रो लिमिटेड के 34 फीसदी शेयर परोपकार कार्य के लिए दान किए थे। इन शेयर का बाजार मूल्य 52,750 करोड़ रुपये है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बयान में कहा था कि, 'अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा।'
सैलरी पैकेज में 95 फीसदी की वृद्धि
वित्त वर्ष 2018-19 में अजीम प्रेमजी के सैलरी पैकेज में 95 फीसदी की वृद्धि हुई थी। प्रेमजी ने 262,054 डॉलर यानी करीब 1.81 करोड़ रुपये सैलरी के तौर पर लिए हैं। विप्रो ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी था।