हाल ही में एप्पल कंपनी ने दिसंबर 2014 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इसके अनुसार एप्पल का कुल मुनाफा 1,11,600 करोड़ रुपए है। आइए आपको इसके आधार पर बताते हैं कि भारत के संदर्भ मैं कैसा है एप्पल का मुनाफा।
- एप्पल अकेले ही भारत की तीन सबसे बड़ी कंपनियों टीसीएस, ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज को खरीद सकती है। आपको बता दें कि इन तीनों कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 10,86,500 करोड़ रुपए है।
- अगर एप्पल के मुनाफे को भारत की जनता में बांट दिया जाए, तो भारत के हर व्यक्ति को 8,828 रुपए मिलेंगे।
आधा कैश रिजर्व खत्म कर देगा राजकोषीय घाटा
- एप्पल का एक तिमाही का मुनाफा ही भारत की ओएनजीसी कंपनी के सालाना मुनाफे का चार गुना है। ओएनजीसी कंपनी का 2013-14 का मुनाफा 22,506 करोड़ रुपए था।
- एप्पल का आधे से भी कम कैश रिजर्व भारत के 5,31,177 करोड़ रुपयों के राजकोषीय घाटे को खत्म कर सकता है। एप्पल का कुल कैश रिजर्व 11,03,600 करोड़ रुपए है।
निफ्टी को भी कर दिया है पीछे
- यह निफ्टी कंपनियों के कुल मुनाफे से 55 प्रतिशत अधिक है। निफ्टी की 50 कंपनियों का जुलाई-सितंबर 2014 का कुल मुनाफा 72,125 करोड़ रुपए था।
- निफ्टी की सारी 50 कंपनियों को अगर एक साथ मिलाकर देखा जाए तो जुलाई-सितंबर 2014 में निफ्टी ने हर घंटे 32 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। एप्पल ने हर घंटे 51 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है।