दूरसंचार कंपनी भारतीय एयरटेल ने मंगलवार को कहा कि मोबाइल सेवा की मौजूदा दरों को बढ़ाने की जरूरत है। इतनी कम कीमतें उद्योग के लिए सही नहीं हैं। एयरटेल के एमडी एवं सीईओ (भारत एवं दक्षिण एशिया) गोपाल विट्ठल ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ से इतर कहा, ‘हमारा मानना है कि मोबाइल सेवा की दरें व्यावहारिक नहीं हैं। इन्हें बढ़ाने की जरूरत है। हम हमेशा इसके पक्ष में खड़े रहे हैं।’
रिलायंस जियो के वॉयस कॉल के लिए ग्राहकों से 6 पैसे प्रति मिनट का शुल्क वसूलने के कदम पर उन्होंने कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह शुल्क इंटरकनेक्शन उपयोग शुल्क (आईयूसी) टैरिफ का हिस्सा नहीं है बल्कि यह कॉल को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर भेजने की लागत है।
इसलिए यह दो कंपनियों के बीच का मामला है, जिसका निपटान उन्हें ही करना होता है। पिछले 20 साल से आईयूसी कंपनियां खुद वहन करती आ रहीं हैं। हालांकि, जियो ने कहा है कि वह इस शुल्क की भरपाई के लिए ग्राहकों को उन्हें उतने ही मूल्य के बराबर मुफ्त डाटा देगी।
विट्ठल ने कहा कि नीलामी के अगले दौर के लिए प्रस्तावित 5जी स्पेक्ट्रम की लागत किफायती नहीं बल्कि बहुत अधिक है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दूरसंचार उद्योग को फिर से खड़ा करने के साथ मजबूत बनाना होगा।
ट्राई के आईयूसी समीक्षा से ग्राहकों को नुकसान: जियो
रिलायंस जियो ने कहा कि दूरसंचार नियामक ट्राई की ओर से कॉल कनेक्ट शुल्क की समीक्षा करना ग्राहकों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कंपनी ने कहा कि नियामक का यह कदम ग्राहकों पर शुल्क का भार बढ़ा सकता है और सेवा प्रदाता कंपनियों की कुशलता भी प्रभावित हो सकती है।
साथ ही कहा कि इस तरह के अंधेरे में रखने वाले नियम का फायदा उन डिफॉल्टर्स को होगा, जो नई एवं कुशल तकनीकों से खुद को जानबूझकर दूर रख रहे हैं।