दुनियाभर में अपना पैर पसार चुके कोरोनोवायरस ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। इसका बुरा असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। कोरोनावायरस ने रत्न और आभूषण की कारोबार को जबरदस्त तरीके से प्रभावित किया है। इस वायरस के चलते बढ़ती मरीजों की संख्या आभूषण कोरोबार को काफी नुकसान पहुंचा रही है। इसके वजह से आभूषण उद्योग में केवल 20 से 25 फीसद ही कारोबार हो पा रहा है। कोरोनावायरस के चलते आभूषण के ग्राहक लगातार कम होते जा रहे हैं।
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के अध्यक्ष अनंत पद्मनाभन ने बताया कि, कोरोनावायरस के डर के चलते आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आती जा रही है। ऐसे में देशभर में रिटेलर्स केवल 20-25 फीसद कारोबार कर रहे हैं।
अनंत पद्मनाभन ने बताया कि कोरोनावायरस या COVID-19 के चलते लोगों में डर का माहौल है। वहीं, इसको फैलने से रोकने के लिए सरकार ने एहतियात के तौर पर मॉल, सिनेमाघर और दूसरे भीड़भाड़ वाले जगहों को बंद कर दिया है। ऐसे में लोग इस माहौन में ज्यादातर जरूरी सामानों को खरीदने के लिए ही बाहर निकल रहे हैं, जिसका बुरा आभूषणों के व्यापार पर पड़ा है।
वहीं, लाला जुगल किशोर ज्वेलर्स के निदेशक तान्या रस्तोगी का कहना है कि, भारतीय रत्न और आभूषण व्यापार ज्यादातर विवाह पर आधारित है। ऐसे में कोरोनोवायरस के कारण विवाह जैसे आयोजन रद्द हो रहे हैं। इससे शादी की खरीदारी रुक गई है जिसका बुरा असर आभूषण व्यापार पर पड़ रहा है। वहीं, उम्मेदमल तिलोकचंद (UT) ज्वेलरी स्टोर के मालिक कुमार जैन का इस पूरे मामले पर कहना है कि कोरोनावायरस के चलते शादी के मौसम में भी मुंबई में ज़वेरी बाज़ार से रौनक गायब है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोनावायरस की वजह से आभूषण व्यापार को कितना नुकसान पहुंच रहा है।