क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान की प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए सरकार ने कॉन्टैक्टलेस कार्ड के प्रसार पर विशेष जोर दिया है। वित्त मंत्रालय के निर्देश पर बैंकों ने भी कैशलैस/डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के प्रयासों को गति देना शुरू कर दिया है। कई बैंक अपने ग्राहकों को कॉन्टैक्टलेस कार्ड जारी कर रहे हैं।
वैसे तो इस तरह के कार्ड की शुरुआत दो साल पहले ही हो गई थी, लेकिन पिछले दिनों वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को निर्देश जारी कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को कॉन्टैक्टलेस कार्ड देने को कहा है। इस कार्ड की खूबी यह है कि इससे 2,000 रुपये तक के लेन-देन के लिए न तो कार्ड को स्वाइप मशीन में डालना पड़ेगा और न ही पिन डालने की जरूरत पड़ेगी। देश के कई निजी और सरकारी बैंक इस तरह के कार्ड जारी कर रहे हैं। इसमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, डीबीएस बैंक, केनरा बैंक, सिटी बैंक और यूनियन बैंक सहित 65 बैंक शामिल हैं। आवेदन करने पर यह कार्ड बैंक से खाताधारक को मिल सकता है।
बिना शुल्क लंबी कतारों से मुक्ति
सिनेमाघर, कॉफी शॉप, मेट्रो, सुपरमार्केट, मॉल जैसी जगहों पर अक्सर भुगतान करने वालों की लंबी कतारें लगी होती हैं। अभी कार्ड को स्वाइप मशीन में डालने और पिन के जरिये ट्रांजेक्शन पूरा करने में काफी समय लग जाता है। कॉन्टैक्टलेस कार्ड से भुगतान में महज तीन-चार सेकंड का समय लगेगा। भुगतान प्रक्रिया आसान होने से समय बचेगा और कतारें छोटी होंगी। जिस बैंक में आपका खाता है, वहां से आवेदन कर यह कार्ड ले सकते हैं और इससे भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
चिप में लगा है एंटीना
पहले मैगनेटिक स्ट्रिप फिर मैगनेटिक स्ट्रिप के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप वाले क्रेडिट/डेबिट कार्ड के बाद यह थर्ड जनरेशन कार्ड है। इसमें मैगनेटिक स्ट्रिप और चिप के साथ अंदर एंटीना भी लगा है। यह एंटीना रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेश पर आधारित एनएफसी (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) तकनीक से कार्ड की पहचान संख्या को बैंक खाते से जोड़ता है। ऐसे में कार्ड स्वाइप करते ही बिना पिन नंबर के खाते से भुगतान हो जाता है।
ब्रिटेन में सबसे ज्यादा भुगतान
ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, बैंकॉक और सिंगापुर समेत कई देशों में कॉन्टैक्टलेस कार्ड बहुत लोकप्रिय हैं। लोग इसे नकदी से ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। ब्रिटेन में तो 40 फीसदी लोग ही कैश में भुगतान करते हैं, जबकि हांगकांग में कॉन्टैक्टलेस कार्ड की लोकप्रियता बीते डेढ़ साल में इतनी बढ़ी कि आज हर तीसरा भुगतान इसी कार्ड से होता है। कैश के सामान्य लेन-देन में करीब 30 सेकेंड, जबकि स्वाइप मशीन से और भी ज्यादा समय लगता है।
भारतीय बाजार को मिलेगी गति
करीब 130 करोड़ की आबादी वाले भारत में लगभग 31 करोड़ परिवार हैं, जबकि बाजार में अभी तक तीन करोड़ कॉन्टैक्टलेस कार्ड ही जारी हुए हैं। इतना ही नहीं अभी तक महज 12 लाख शॉप ही इनके इस्तेमाल के लिए जरूरी तकनीक से लैस हुए हैं। बैंकों ने 2017-18 के मुकाबले 2018-19 में 30 फीसदी अधिक कॉन्टैक्टलेस कार्ड जारी किए हैं। इसका इस्तेमाल विदेश में भी किया जा सकता है।
-कोई भी अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड को कॉन्टैक्टलेस कार्ड से बदलवा सकता है। बैंक नए कार्ड भी जारी कर रहे हैं। इनका इस्तेमाल आसान है। यह अब तक बने सभी कार्ड्स में सबसे सुरक्षित है। कॉन्टैक्टलेस कार्ड दुकानदार को देने की जरूरत नहीं होगी, आप खुद स्वाइप कर सकेंगे जो अतिरिक्ति सुरक्षा है। -मुरली नायर, हेड ऑफ क्लाइंट रिलेशनिप मैनेजमेंट, वीजा इंडिया