देश भर में जीएसटी के खिलाफ बन रहे माहौल को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापारियों के बीच जाकर उनका फीडबैक लेने की कवायद शुरू की है। शनिवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने शहर में व्यापारी संगठनों की बैठक बुलाकर जीएसटी पर उनके सुझाव लिए, साथ ही उन्हें भरोसा भी दिलाया कि केंद्र सरकार उनकी समस्याएं हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही जीएसटी पर सारी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी।
भारत सेवा ट्रस्ट पर शनिवार शाम आयोजित बैठक में शहर के सभी प्रमुख व्यापार संगठनों के नेता भाग लेने पहुंचे। व्यापारी नेताओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री को बताया कि जीएसटी प्रणाली में तमाम खामियां हैं जो उनकी दिक्कतों की वजह बनी हुई हैं। ऊपर से सरकारी विभाग भी व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं।
इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। अफसर व्यापारियों की समस्याएं हल करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि तमाम व्यापारियों को अपना उद्योग-धंधा छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस वजह से व्यापारियों में सरकार के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है।
श्रम राज्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद जीएसटी की समस्याएं दूर करने के लिए उनसे लिखित रूप से अपने सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि कारोबार और कारोबारी देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है, इसलिए सरकार उनकी हर समस्या सुनेगी और उन्हें हल भी करेगी।
उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली नई है। शुरूआती दौर में समस्याएं आती ही हैं लेकिन सरकार इन्हें प्राथमिकता से जल्द हल करेगी। जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को हुई बैठक में कई वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम की गई हैं। व्यापारियों के हित में और भी संशोधन किए जा सकते हैं।
बैठक में सांसद धर्मेँद्र कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, शहर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, वरिष्ठ भाजपा नेता गुलशन आनंद, उद्यमी राकेश बूबना, व्यापारी नेता विशाल मेहरोत्रा, राजेश जसौरिया, देवेंद्र जोशी, अमजद सलीम, सुरेंद्र रस्तोगी, शोभित सक्सेना आदि ने भी विचार रखे।