सरकार और निजी कंपनियां अक्सर अपने विस्तार के लिए बाजार से पूंजी जुटाती हैं। इसके लिए वे सबसे आसान रास्ता आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को मानती हैं। आईपीओ के जरिये कंपनियां अपने शेयरों को न सिर्फ पहली बार बिक्री के लिए बाजार में उतारती हैं, बल्कि शेयर बाजार में भी सूचीबद्घ कराती हैं। किसी कंपनी का आईपीओ उसका शुरुआती स्तर होता है, इसलिए यह नए निवेशकों के लिए भी बेहतर मौका हो सकता है। ऐसे में अगर आप सही आईपीओ का चुनाव करते हैं तो कम समय में ही बड़ा मुनाफा कमाने का मौका रहता है।
कम कीमत पर मिलते हैं शेयर
कंपनी के लिए आईपीओ का लाने का मूल मकसद बाजार से पैसे जुटाना होता है, इसलिए यह आमतौर पर कम कीमत पर जारी किया जाता है। सेबी के नियमानुसार, कंपनी को आईपीओ लाने से पहले ही उसकी अनुमानित कीमत निवेशकों को बतानी होती है, जिसे प्राइस बैंड कहा जाता है। यह वास्तविक कीमत से कुछ कम या ज्यादा हो सकती है। आईपीओ को बाजार में उतारने से पहले कंपनियों को सेबी की मंजूरी लेना जरूरी है और मंजूरी के सालभर के भीतर इसे उतारना होता है।
सूचीबद्घ होते ही मुनाफा
कंपनी आईपीओ के जरिये निवेशकों से पैसे जुटाने के बाद उसे शेयर बाजार में सूचीबद्घ कराती है। आईपीओ में कई ऐसे शेयर भी सामने आए हैं, जो इश्यू प्राइस से 50 या 100 फीसदी ज्यादा मूल्य पर सूचीबद्घ हुए हैं। अगर आप ऐसे ही किसी आईपीओ में निवेश करते हैं तो उसके सूचीबद्घ होते ही आपको मुनाफा हो जाएगा। मानिए कि आपने कोई आईपीओ 100 रुपये प्रति इकाई में खरीदा और वह शेयर बाजार में 150 रुपये प्रति इकाई पर सूचीबद्घ होता है तो आपको कुछ ही दिनों के भीतर डेढ़ गुना मुनाफा कमाने का मौका मिल जाता है।
बढ़ रही आईपीओ की संख्या
शेयर बाजार के जानकार कुंज बंसल का कहना है कि कॉरपोरेट जगत में डिफाल्ट के बढ़ते मामलों और बैंकिंग क्षेत्र में एनपीए की समस्या से कंपनियों की फंडिंग पर असर पड़ा है। ऐसे में पूंजी जुटाने के लिए कंपनियों के पास सबसे आसान तरीका आईपीओ लाने का होता है। अभी शेयर बाजार में उथल-पुथल होने की वजह से करीब 80 आईपीओ निवेशकों के सामने उतरने के इंतजार में हैं। इसमें से 54 आईपीओ को सेबी की मंजूरी भी मिल चुकी है, जबकि 25 ने आवेदन डाल रखे हैं। इसमें बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि भी शामिल है।
निवेश के लिए डीमैट खाता जरूरी
आईपीओ में आप अपने स्तर पर सीधे निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए डीमैट खाता जरूरी है। आप ब्रोकर के जरिये भी निवेश कर सकते हैं, जो अपनी वेबसाइट पर अलग सेक्शन रखते हैं, जहां आप आवेदन कर सकते हैं। आईपीओ में आप एक शेयर नहीं खरीद सकते, बल्कि निश्चित कीमत के स्टॉक खरीदने होंगे। आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है।
ऐसे चुनें सही आईपीओ
-कई कंपनियां कर्ज चुकाने के लिए भी आईपीओ लाती हैं। आप उन्हीं आईपीओ में पैसे लगाएं जो कारोबार विस्तार के लिए जारी किए गए हों।
-आईपीओ के अपर प्राइस बैंड को ध्यान में रखें। अगर किसी इश्यू के लिए प्राइस बैंड 100-110 रुपये है तो अपर प्राइस बैंड 110 रुपये होगा। इससे सही मूल्यांकन किया जा सकेगा।
-कंपनी का प्रोफाइल और ट्रैक रिकॉर्ड जरूर देखें। साथ ही कंपनी को लेकर रेटिंग एजेंसियों की राय पर भी नजर रखें और उसके मुनाफे की तुलना भी करें।
-जिस कंपनी ने आईपीओ जारी किया है, संबंधित क्षेत्र की उतनी ही बड़ी अन्य कंपनियों के शेयरों की स्थिति से उसकी तुलना जरूर करें।
सावधानी से करें निवेश
निवेश सलाहकार धीरेंद्र कुमार का कहना है कि आईपीओ में पैसे लगाने के लिए बेहद सावधानी बरतनी होगी। जिन आईपीओ की इश्यू प्राइस हाई वैल्यूएशन पर हो, उनमें पैसे लगाने से निवेशकों को बचना चाहिए। अच्छी रेटिंग वाले आईपीओ बेहतर मुनाफा दे सकते हैं।