वित्तीय संकट से गुजर रहे यस बैंक को निवेशकों से कुल 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव मिले हैं। बैंक में अकेले आठ हजार करोड़ रुपये (120 करोड़ डॉलर) उत्तरी अमेरिका में स्थित एक निवेशक परिवार निवेश करेगा। हालांकि इस निवेश के बारे में किसी तरह का खुलासा नहीं किया गया है।
बैंक को दूसरी तिमाही में 600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। बैंक के नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) में भी 7.39 फीसदी का नुकसान हुआ है। बैंक का शुद्ध मुनाफा 109 करोड़ रुपये रहा। बैंक को डीटीए का अडजस्टमेंट करने के लिए 709 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा, जिसकी वजह से उसे यह घाटा हुआ है। पिछले साल की दूसरी तिमाही में बैंक को 964.70 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इससे पहले इसी साल मार्च की तिमाही में बैंक को 1506.60 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बैंक के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अब तक का दूसरा सबसे बड़ा घाटा हुआ है।
बैंक का ग्रॉस एनपीए 5.01 फीसदी से बढ़कर के 7.39 फीसदी हो गया, जो कि पिछले साल 1.6 फीसदी था। बैंक ने प्रोविजनिंग के लिए 1336 करोड़ रुपये रखे हैं।