फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Year Ender 2022: एक साल में 4.6%, बीते दशक में 211% चढ़ा, अब 2023 में कहां पहुंचेगा निफ्टी 50 बेंचमार्क?

Tue, 20 Dec 2022 03:34 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Year Ender 2022: सोमवार को निफ्टी 151.45 अंकों (0.83%) की बढ़त के साथ 18,420.45 के स्तर पर बंद हुआ। पर फिलहाल बाजार की स्थिति उठा-पटक वाली बनी हुई है, ऐसा यूरोप और अमेरिका के केंद्रीय बैंकों की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के कारण है।
विज्ञापन
निफ्टी-फिफ्टी की चाल - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शेयर बाजार लंबी समय अवधि में मोटा मुनाफा देने के लिए जाने जाते हैं। एक दशक पहले जो निफ्टी 6000 का स्तर भी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा था। 10 वर्षों के बाद दिसंबर 2022 में वहीं निफ्टी 18900 के करीब पहुंच गया। पिछले एक दशक के दौरान निफ्टी 211% की आश्यचर्यजनक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022 में मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल तनावों के कारण बाजार में आए उठा-पटक के बावजूद भारतीय बाजार ने अपने समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और ऑलटाइम हाई का आंकड़ा छू लिया। अब जबकि वर्ष 2023 कदम रखने में दो हफ्ते से भी कम का समय रह गया है, निफ्टी 50 के और अधिक मजबूत होने के कयास लगाए जा रह हैं। केवल इतना हीं नहीं, जानकारों का मानना है कि वर्ष 2030 तक निफ्टी ऊंचाईयों को हासिल करते हुए 50,000 का आंकड़ा छू सकता है।

विज्ञापन

शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला

# यूरोप और अमेरिकी बाजार में मंदी की आशंका के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत
 

सोमवार को निफ्टी 151.45 अंकों (0.83%) की बढ़त के साथ 18,420.45 के स्तर पर बंद हुआ। पर फिलहाल बाजार की स्थिति उठा-पटक वाली बनी हुई है, ऐसा यूरोप और अमेरिका के केंद्रीय बैंकों की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के कारण है। केंद्रीय बैंकों के इस कदम से दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका गहरा गई है। हालांकि सोमवार के दिन भारतीय बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स ने वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेतों के बावजूद पिछले दो दिनों के घाटे को पाटने में सफलता पाई। इस वर्ष 1 दिसंबर को निफ्टी अपने लाइफटाइम हाई 18,887.60 का स्तर छूटने में सफल रहा। वर्ष 2022 में निफ्टी अब तक 4.6% की बढ़त हासिल कर चुका है। 

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने 19 दिसंबर को प्रकाशित अपने टेक्नीकल आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2023 के लिए निफ्टी 50 का लक्ष्य 21400 का स्तर है। वहीं अगर बाजार नीचे की ओर फिसलता है तो 16200 के लेवल पर इसे एक मजबूत सपोर्ट मिलेगा। हालांकि बात यहीं खत्म नहीं होती, ब्रोकरेज हाउस के अनुसार निफ्टी 50 वर्ष 2030 के अंत तक 50,000 का स्तर छू सकता है। 

शेयर बाजार - फोटो : iStock

# ब्रोकरेज हाउस ने निफ्टी के लिए नए साल में जो लक्ष्य तय किया है उसके पक्ष में कुछ ठोस तर्क भी दिए हैं, वे हैं-

  • पिछले चार दशकों में हर दशक के तीसरे वर्ष में बाजार को सकारात्मक रिटर्न मिला है। औसतन यह करीब 18% प्रतिशत रहा है। इस आधार पर जारी वर्ष के लिए प्रोजेक्ट किया गया 18900 का स्तर हासिल कर लिया गया है। इससे इस तर्क को और बल मिलता है। वर्तमान में निफ्टी के स्तर 18420 को आधार माना जाए तो इस तर्क के आधार पर बाजार 2023 में 21720 के लेवल पर पहुंच सकता है। इस तर्क का एक दूसरा मजबूत आधार भी है। वह यह है कि आम चुनावों के पूर्व के वर्षों में 70% बार बाजार ने सकारात्मक रिटर्न दिया है।

  • पिछले 13 महीनों में बाजार ने जिस रेंज (18300-15200) के बीच कारोबार किया है वह 21400 के स्तर की ओर ब्रेकआउट का इशारा कर रहा है।

  • पिछले दो दशकों के दौरान हर 10 में से आठ मौकों पर निफ्टी 500 के घटकों में 60% 200 डीएमए (डेज मूविंग एवरेज) के ऊपर पहुंचे। इससे पिछले 12 महीनों के दौरान निफ्टी में औसतन 25% का रिटर्न मिला। 

  • इसके अलावे ब्रोकरेज हाउस ने बताया है कि निफ्टी के मिडकैप स्टॉक्स आने वाले वर्षों में लार्ज कैप स्टॉक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ब्रोकरेज ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि मिड कैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन से वर्ष 2023 में करीब 20% का रिटर्न मिल सकता है। 
  • 2023 में जिन सेक्टर्स पर बाजार में नजर बनी रहेगी उनमें बीएफएसआई, ऑटो, पीएसयू, कैपिटल गुड्स एंड इंफ्रा, टेलीकॉम सेक्टर हैं। इसके अलावे आईटी सेक्टर के शेयर भी बढ़िया रिस्क-रिवार्ड दे सकते हैं। 

शेयर बाजार - फोटो : iStock
# वर्ष 2030 तक निफ्टी पहुंचेगा 50000 के लेवल पर! 

आईसीआईसीआई डायरेक्ट की रिपोर्ट के अनुसार इस दशक में भारतीय बाजारों में वही चाल दिख सकती है जो अमेरिकी बाजारों में 1990-2000 के दशक में और निक्केई में 1980-90 के दशक में दिखी थी। उस दौरान इन बाजारों में पांच गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी। 
 
रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी अध्ययनों के आंकड़े बताते हैं कि निफ्टी वर्ष 2030 तक 50,000 के स्तर को छू सकता है। वर्ष 2021 और 2022 के दौरान बाजार के प्रदर्शन से हमारे तर्क को बल मिलता है। निफ्टी हमारे अनुमानों के मुताबिक ही कारोबार कर कर रहा है। सबसे रोमांचक बात यह है कि हम वर्ष 2023 में प्रवेश करने वाले हैं, पिछले दशकों के अध्ययन से पता चलता है कि यह वर्ष बाजार को मजबूती देने वाला हो सकता है। 

शेयर बाजार - फोटो : PTI

# वर्ष 1979 में सेक्सेक्स की स्थापना के बाद इसमें हर दशक में चार गुने का इजाफा हुआ  

हालांकि ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि ऐसे लॉन्ग टर्म ट्रेंड बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण थोड़े-आगे पीछे रह सकते हैं। उदाहरण के लिए वर्ष 2018 उन्होंने बताया था कि वर्ष 2022 तक बाजार 19000 के लेवल पर पहुंचेगा पर विभिन्न कारणों से यह 18900 के स्तर तक ही पहुंच पाया। हालांकि निफ्टी ने यह उपलब्धि कोविड महामारी की चुनौतियों से जूझते हुए हासिल किया ऐसे में यह महत्वपूर्ण है। डिकेडल साइकिल को विस्तार से बताते हुए आईसीआईसीआई डायरेक्ट का कहना है कि वर्ष 1979 में सेंसेक्स की स्थापना के बाद से हर दशक में यह चार गुनी रफ्तार से बढ़ा है। इस आधार पर वर्ष 2020 में निफ्टी के स्तर 13981 के स्तर को देखते हुए इस दशक के अंत तक यह 56,000 के लेवल तक पहुंच सकता है। 

आईसीआईसीआई डायरेक्ट की इस रिपोर्ट के अनुसार यह अध्ययन निवेशकों को उतार-चढ़ाव के समय दूर-दृष्टि बनाए रखने में मदद करेगा। बाजार में नकारात्मक माहौल, जियोपॉलिटिकल चिंताओं, मंदी की आशंका, बढ़ती महंगाई दरों और उस पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद निफ्टी का वर्ष 2022 में 18900 के स्तर पर पहुंचना सकारात्मक संकेत देता है।
विज्ञापन

शेयर बाजार एनएसई - फोटो : facebook: @NationalStockExchange
# बाजार में गिरावट लेकर आता है खरीदारी का अवसर

आईसीआईसीआई डायरेक्ट की रिपोर्ट में यह बात भी साफ किया गया है कि बाजार में ऐसे रिटर्न एक बार में नहीं आते, ऐसे में उतार-चढ़ाव भी आ सकते हैं। हालांकि, हर 20% की गिरावट पर निवेशकों को खरीदारी का एक बढ़िया मौका मिलेगा। एक दशक पहले यानी  दिसंबर 2012 में निफ्टी 5800 से 5900 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। जबकि एक दिसंबर 2022  को यह अपने ऑल टाइम हाई 18,887.60 पर  कारोबार करता दिखा। ऐसे में बीते एक दशक के दौरान निफ्टी में 13,017 अंकों यानी 222% की वृद्धि दर्ज की गई।  19 दिसंबर 2012 की बात करें तो तब निफ्टी 5,929.60 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जबकि बीते कल यानी 19 दिसंबर 2022 (सोमवार) को यह 12,491 अंकों की वृद्धि के साथ 18420.45 अंकों पर बंद हुआ। इसमें 211% की वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में यह बाजार के लिए सकारात्मक संदेश देते हैं। 
 

(डिस्क्लेमर: इस आलेख में दिए गए तथ्य एनालिस्ट्स और ब्रोकर कंपनियों के रुझानों पर आधारित है। ये अमर उजाला डॉट कॉम के अनुमान नहीं हैं। इसलिए हमारी सलाह है कि किसी भी निवेश के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।)      

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें