शेयर बाजार लंबी समय अवधि में मोटा मुनाफा देने के लिए जाने जाते हैं। एक दशक पहले जो निफ्टी 6000 का स्तर भी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा था। 10 वर्षों के बाद दिसंबर 2022 में वहीं निफ्टी 18900 के करीब पहुंच गया। पिछले एक दशक के दौरान निफ्टी 211% की आश्यचर्यजनक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022 में मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल तनावों के कारण बाजार में आए उठा-पटक के बावजूद भारतीय बाजार ने अपने समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और ऑलटाइम हाई का आंकड़ा छू लिया। अब जबकि वर्ष 2023 कदम रखने में दो हफ्ते से भी कम का समय रह गया है, निफ्टी 50 के और अधिक मजबूत होने के कयास लगाए जा रह हैं। केवल इतना हीं नहीं, जानकारों का मानना है कि वर्ष 2030 तक निफ्टी ऊंचाईयों को हासिल करते हुए 50,000 का आंकड़ा छू सकता है।
# यूरोप और अमेरिकी बाजार में मंदी की आशंका के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत
सोमवार को निफ्टी 151.45 अंकों (0.83%) की बढ़त के साथ 18,420.45 के स्तर पर बंद हुआ। पर फिलहाल बाजार की स्थिति उठा-पटक वाली बनी हुई है, ऐसा यूरोप और अमेरिका के केंद्रीय बैंकों की ओर से महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के कारण है। केंद्रीय बैंकों के इस कदम से दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका गहरा गई है। हालांकि सोमवार के दिन भारतीय बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स ने वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेतों के बावजूद पिछले दो दिनों के घाटे को पाटने में सफलता पाई। इस वर्ष 1 दिसंबर को निफ्टी अपने लाइफटाइम हाई 18,887.60 का स्तर छूटने में सफल रहा। वर्ष 2022 में निफ्टी अब तक 4.6% की बढ़त हासिल कर चुका है।
# ब्रोकरेज हाउस ने निफ्टी के लिए नए साल में जो लक्ष्य तय किया है उसके पक्ष में कुछ ठोस तर्क भी दिए हैं, वे हैं-
पिछले चार दशकों में हर दशक के तीसरे वर्ष में बाजार को सकारात्मक रिटर्न मिला है। औसतन यह करीब 18% प्रतिशत रहा है। इस आधार पर जारी वर्ष के लिए प्रोजेक्ट किया गया 18900 का स्तर हासिल कर लिया गया है। इससे इस तर्क को और बल मिलता है। वर्तमान में निफ्टी के स्तर 18420 को आधार माना जाए तो इस तर्क के आधार पर बाजार 2023 में 21720 के लेवल पर पहुंच सकता है। इस तर्क का एक दूसरा मजबूत आधार भी है। वह यह है कि आम चुनावों के पूर्व के वर्षों में 70% बार बाजार ने सकारात्मक रिटर्न दिया है।
पिछले 13 महीनों में बाजार ने जिस रेंज (18300-15200) के बीच कारोबार किया है वह 21400 के स्तर की ओर ब्रेकआउट का इशारा कर रहा है।
पिछले दो दशकों के दौरान हर 10 में से आठ मौकों पर निफ्टी 500 के घटकों में 60% 200 डीएमए (डेज मूविंग एवरेज) के ऊपर पहुंचे। इससे पिछले 12 महीनों के दौरान निफ्टी में औसतन 25% का रिटर्न मिला।
# वर्ष 1979 में सेक्सेक्स की स्थापना के बाद इसमें हर दशक में चार गुने का इजाफा हुआ
हालांकि ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि ऐसे लॉन्ग टर्म ट्रेंड बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण थोड़े-आगे पीछे रह सकते हैं। उदाहरण के लिए वर्ष 2018 उन्होंने बताया था कि वर्ष 2022 तक बाजार 19000 के लेवल पर पहुंचेगा पर विभिन्न कारणों से यह 18900 के स्तर तक ही पहुंच पाया। हालांकि निफ्टी ने यह उपलब्धि कोविड महामारी की चुनौतियों से जूझते हुए हासिल किया ऐसे में यह महत्वपूर्ण है। डिकेडल साइकिल को विस्तार से बताते हुए आईसीआईसीआई डायरेक्ट का कहना है कि वर्ष 1979 में सेंसेक्स की स्थापना के बाद से हर दशक में यह चार गुनी रफ्तार से बढ़ा है। इस आधार पर वर्ष 2020 में निफ्टी के स्तर 13981 के स्तर को देखते हुए इस दशक के अंत तक यह 56,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।