सीमा पर जारी विवाद के बीच आयात में आई कमी
यह आंकड़ा 13 फीसदी गिरावट को दर्शाता है। इस साल के पहले 10 महीनों में चीन से आयात में 16.2 फीसदी की गिरावट आई रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पर जारी विवाद के कारण भारत में चीन के उत्पादों का बड़े स्तर पर बहिष्कार हुआ। इससे कारोबारियों ने चीन से आयात में कटौती की, जिसे आयात के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली है। उधर, ग्लोबल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि महामारी के कारण भारत की आंतरिक मांग में गिरावट आई है। इसका असर चीन से निर्यात पर पड़ा है।
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चीन के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य था भारत
बीजिंग में भारतीय दूतावास ने इन आंकड़ों को संग्रह किया है। इसके मुताबिक, 2019 में भारत चीनी कार्बनिक रसायन, उवर्रक, एंटीबायोटिक्स और एल्युमीनियम फ्वॉयल के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य था। वहीं, चीन कार्बनिक रसायन, लौह अयस्क, कच्चे हीरे, मछली, कपास और ग्रेनाइट पत्थर का शीर्ष आयातक था।
एक दशक में पहली बार कम हुआ व्यापार घाटा
दरअसल, 2019 के दौरान चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा एक दशक में पहली बार कम हुआ। इस दौरान 2005 के बाद व्यापार घाटा दो फीसदी कम होकर 56.95 अरब डॉलर रहा था। पिछले साल भारत और चीन के बीच 92.89 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था। इस दौरान अमेरिका, जापान, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, ताइवान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, मलयेशिया, ब्राजील और रूस के बाद भारत चीन का 12वां सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार था।
विगत चार वर्षों के भारत-चीन व्यापार का आयात-निर्यात
वर्ष आयात निर्यात
2016 5.21 करोड़ 75.95 लाख
2017 7.34 करोड़ 86.42 लाख
2018 5.34 करोड़ 86.82 लाख
2019 1.91 करोड़ 1.25 करोड़
रेलवे ने वंदे भारत ट्रेन सेट निर्माण में किया अयोग्य घोषित
वंदे भारत ट्रेन सेट बनाने में शामिल चीन की कंपनी को भी करारा झटका लगा है। रेलवे ने चीनी संयुक्त उद्यम सीआरआरसी-पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया है। इस टेंडर की कीमत लगभग 1,800 करोड़ रुपये है। अब केवल दो घरेलू कंपनी भेल और मेधा सर्वो ड्राइव्स की बोलियां मान्य हैं। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि मेधा को पहले ऐसी दो ट्रेन सेट के निर्माण का ठेका मिला था क्योंकि उसने सबसे कम बोली लगाई थी। इस टेंडर को लेकर केवल तीन कंपनियों ने बोली लगाई थी, जिसमें बीजिंग स्थित सीआरआरसी लिमिटेड और भारत के पायनियर का संयुक्त उपक्रम था जिसका हरियाणा में प्लांट है।