खाद्य पदार्थ, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में नरमी से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में (-) 4.12 प्रतिशत पर पहुंच गई। थोक महंगाई दर का यह आठ साल का निम्नतम स्तर है।थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मई में शून्य से 3.48 प्रतिशत नीचे थी। पिछले साल जून में यह 16.23 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जून में घटकर शून्य से 1.24 प्रतिशत नीचे आ गई, जो मई में शून्य से 1.59 प्रतिशत नीचे थी।
ईंधन और बिजली बास्केट की मुद्रास्फीति जून में घटकर शून्य से 12.63 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 9.17 प्रतिशत नीचे थी। विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति उक्त महीने में शून्य से 2.71 प्रतिशत नीचे रही जो मई में शून्य से 2.97 प्रतिशत नीचे थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जून 2023 में मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से खनिज तेलों, खाद्य उत्पादों, बुनियादी धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और वस्त्रों की कीमतों में गिरावट के कारण है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए इसके अनुसार मई में थोक मुद्रास्फीति दर शून्य से नीचे 3.48 प्रतिशत रही थी जबकि एक साल पहले जून 2022 में मुद्रास्फीति दर 16.23 प्रतिशत थी। जून का थोक मुद्रास्फीति आंकड़ा अक्टूबर, 2015 के बाद का सबसे कम स्तर है। उस समय थोक मुद्रास्फीति शून्य से नीचे 4.76 प्रतिशत रही थी। हालांकि थोक मुद्रास्फीति में आई गिरावट के मुकाबले इसी महीने में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गयी है जबकि मई में यह 4.3 प्रतिशत थी।
मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि जून के महीने में थोक मुद्रास्फीति की दर में गिरावट का मुख्य कारण खनिज तेल, खाद्य उत्पादों, मूल धातुओं, कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस और कपड़ों की कीमतों में आई कमी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति दर में 1.24 प्रतिशत की गिरावट रही।
गैर-खाद्य वस्तुओं की थोक कीमतें जून में 2.40 प्रतिशत घटीं जबकि कच्चा तेल एवं प्राकृतिक गैस के दाम 3.01 प्रतिशत गिरे। वहीं खनिजों की थोक कीमतों में मई की तुलना में 4.32 प्रतिशत की गिरावट रही।
विनिर्मित उत्पादों के संदर्भ में 11 समूहों के थोक दाम जून में घट गए जबकि नौ समूहों की कीमतें बढ़ी हैं। गिरावट वाले विनिर्मित समूहों में मूल धातु, रसायन एवं रासायनिक उत्पादन, कपड़ा, रबर एवं प्लास्टिक उत्पाद और कागज एवं कागज से बने उत्पाद शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर, वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस ब्रीफिंग के अनुसार, जून में वस्तु व्यापार घाटा कम होकर 20.1 अरब डॉलर हो गया, जो मई में 22.1 अरब डॉलर था।