दुनियाभर में अगले पांच साल में यानी 2030 तक 17 करोड़ नई नौकरियां सृजित होंगी। कृषि श्रमिकों और वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी। ये दोनों क्षेत्र तेजी से बढ़ती नौकरियों में शामिल होंगे। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने ‘भविष्य की नौकरी रिपोर्ट-2025’ में कहा, नई-नई प्रौद्योगिकी आने के साथ 2030 तक नौकरियों में व्यापक स्तर पर बदलाव आने की संभावना है।
59% पेशेवरों को सीखना होगा रोजगारपरक नया कौशल
इन भूमिकाओं पर सबसे ज्यादा संकट
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे तेजी से घटती नौकरियों की सूची में कैशियर और टिकट क्लर्क सबसे ऊपर हैं। प्रशासनिक सहायक/प्रबंधक और कार्यकारी सचिव जैसी नौकरियों में भी तेजी से गिरावट आएगी।
संकट...नई तकनीक नहीं सीखी तो जाएंगी 9.2 करोड़ नौकरियां
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2030 तक 17 करोड़ रोजगार पैदा होने के साथ 9.2 करोड़ नौकरियां खोनी पड़ सकती है। इस तरह, शुद्ध रूप में 7.8 करोड़ नौकरियां ही सृजित होंगी। विश्व आर्थिक मंच के नौकरी सृजन प्रमुख टिल लियोपोल्ड का कहना है कि एआई और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के कारण श्रम बाजारों में परिवर्तन देखा जा रहा है। एक ओर हैरान करने वाले अवसर पैदा हो रहे हैं, तो दूसरी ओर नौकरियों पर गंभीर संकट है।
41 फीसदी कंपनियों की छंटनी की योजना
दुनियाभर के आधे से अधिक नियोक्ता अपने व्यापार मॉडल को एआई की वजह से पैदा हुए नए अवसरों के मुताबिक बदलने की योजना बना रहे हैं। 77 फीसदी नियोक्ता अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना चाहते हैं, जबकि 41 फीसदी कंपनियां ऑटोमेशन की वजह से छंटनी की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि कौशल अंतर पाटने और तेजी से बढ़ते रोजगार के लिहाज से कर्मचारियों को तैयार करने के लिए सरकारों, कंपनियों और शिक्षा प्रणालियों को तत्काल सहयोग करने की जरूरत है।