World Bank: विश्व बैंक ने कहा कि भारत की मध्यम अवधि की आर्थिक वृद्धि दर अगले दो वित्तीय वर्षों के दौरान औसतन 6.7% पर मजबूत बनी रहेगी। साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे उम्मीद है कि निजी निवेश धीरे-धीरे आएगा और उपभोग में सुधार में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और एशियाई विकास बैंक के बाद अब विश्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है। इससे पहले जून, 2024 में विश्व बैंक ने विकास दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।
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विश्व बैंक ने मंगलवार को जारी ‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ रिपोर्ट में कहा, कृषि क्षेत्र में सुधार व ग्रामीण मांग में तेजी के चलते वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाया गया है। विश्व बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री रैन ली ने कहा, मानसून में सुधार, निजी खपत व बढ़ते निर्यात से भी भारतीय जीडीपी को मजबूती मिल रही है। उम्मीद है कि चुनौतीपूर्ण बाहरी हालात के बीच भारत का मध्यम अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक रहेगा। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2025-26 व 2026-27 में भी अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ेगी। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
बेरोजगारी में सुधार, गरीबी घटाने में मिलेगी मदद
महामारी के बाद से शहरी बेरोजगारी में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर घटकर 8.5 फीसदी रह गई। हालांकि, शहरी युवा बेरोजगारी 17% पर बनी हुई है। विश्व बैंक के भारत में निदेशक ऑगस्ते तानो कोउमे ने कहा, भारत की मजबूत वृद्धि संभावनाओं के साथ घटती महंगाई दर से अत्यधिक गरीबी को कम करने में मदद मिलेगी।