विश्व बैंक ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के विकास अनुमान को 4 प्रतिशत घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया। वैश्विक आर्थिक कमजोरी और नीतिगत अनिश्चितता के बीच यह फैसला लिया गया है। विश्व बैंक ने अपने पिछले अनुमान में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता के बीच दक्षिण एशिया की विकास से जुड़ी संभावनाएं कमजोर हुई हैं और इस कारण क्षेत्र के अधिकांश देशों में वृद्धि दर के अनुमान घटा दिए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार घरेलू राजस्व जुटाने में तेजी लाने से दक्षिण एशियाई देशों को कमजोर राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य के झटकों के प्रति लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वाशिंगटन मुख्यालय वाली बहुपक्षीय एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि 2025 में क्षेत्रीय विकास धीमा होकर 5.8 प्रतिशत हो जाएगा। यह अक्तूबर के अनुमानों से 0.4 प्रतिशत कम है। 2026 के लिए 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया गया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में राजनीतिक अनिश्चितता और लगातार वित्तीय चुनौतियों के बीच वित्त वर्ष 2024-25 में विकास दर धीमी होकर 3.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025-26 में विकास दर में सुधार का अनुमान घटाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया गया है।