Consumer Durables: गर्मी शुरू होने के साथ एयर कंडीशनर (एसी), कूलर और फ्रिज की बिक्री में उछाल आया है। रिटेल विक्रेता और निर्माताओं को इस गर्मी में कूलिंग कैटेगरी में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। एसी, फ्रिज और कूलर बनाने वाली कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों का कहना है कि इस साल गर्मियों का सीजन अधिक गर्म है। पिछले साल भी अधिक गर्मी पड़ने के कारण बिक्री में वृद्धि देखी गई थी और इस साल भी ऐसा ही होने की उम्मीद है।
गर्मी शुरू होने के साथ ही एसी, फ्रिज और कूलर बनाने वाली कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की बिक्री में इजाफा दिख रहा है। पिछले साल भी अधिक गर्मी पड़ने के कारण बिक्री में वृद्धि देखी गई थी और इस साल भी ऐसा ही होने की उम्मीद है। उद्योग को इस साल एसी में 30 से 35 प्रतिशत, कूलर में 10 प्रतिशत और रेफ्रिजरेटर में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। वहीं, हाल ही में रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में हुई दूसरी कटौती की वजह से बिक्री बढ़ेगी।
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के बिजनेस हेड और ईवीपी कमल नंदी ने अमर उजाला डॉटकॉम को बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी गर्मियां अधिक गर्म होने वाली हैं। जिसकी वजह से एसी और रेफ्रिजरेटर्स की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। गर्मियों में कूलिंग एप्लाइंसेज, विशेषकर एसी की मांग उच्च वर्ग तक सीमित न रहकर सभी वर्ग में बढ़ रही है। वर्तमान में उद्योग एसी में 30 से 35 प्रतिशत और रेफ्रिजरेटर में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि देख रहा है। हमने आगामी गर्मियों के मौसम में एसी की बिक्री में 50 से 70 प्रतिशत वॉल्यू ग्रोथ और रेफ्रिजरेटर में 25 से 30 प्रतिशत तक वॉल्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। हायर अप्लाइंसेज इंडिया के अध्यक्ष एनएस सतीश ने बताया कि पिछले कुछ सालों में खासकर गर्मियों में तापमान अपने चरम पर चल रहा है, ऐसे में कूलिंग प्रोडक्टस की मांग लगातार बढ़ी है। लेकिन उपभोक्ता अब कुशल, स्मार्ट, सुविधाजनक और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की भी मांग कर रहे हैं।
कच्चे माल की लागत बढ़ने से इनपुट लागत में इजाफा
नंदी बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले डॉलर के मुकाबले रुपये में 6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। कच्चे माल में जो आयात किया जा रहा है और घरेलू बाजार से प्राप्त होने माल दोनों की लागत बढ़ने की वजह से इनपुट लागत में वृद्धि हुई है। इसकी वजह से सभी कंपनियों के एसी और रेफ्रिरेटर की कीमतों में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढोतरी हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एसी के कंपोनेंट और कंप्रेंसर की शिपमेंट में वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से देरी होने की संभावना इस बार उद्योग को है, जिसकी वजह से अप्रैल में एसी का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में कटौती से बिक्री बढ़ाने में मिलेगी मदद
सतीश कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को टैक्स में राहत कर और ब्याज दरों में कटौती की वजह से उपभोक्ता मांग में तेजी आने की संभावना है, खासकर कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पादों की मांग में तेजी आएगी। केयरएज रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा का कहना है कि आरबीआई द्वारा दूसरी बार ब्याज दर में कटौती ओर मुद्रस्फीति के दबाव में अपेक्षीत नरमी उपभोक्ता मांग को बढ़ाने में मदद करेगी। फिलहाल शहरी में मांग में सुस्ती बनी हुई है, जबकि मजबूत कृषि उत्पादन और सामान्य मानसून की उम्मीद जैसे कई वजहों से ग्रामीण मांग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।