आज के समय में अतिरिक्त आय के लिए लोग ट्रेडिंग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग की मदद से लोग अतिरिक्त इनकम कमा सकते हैं। मगर ये काम उतना आसान नहीं है जितना ये लगता है। अगर आप भी ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको Binomo जैसे शानदार प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इस काम के लिए करना चाहिए। Binomo सबसे बेहतरीन और लीगल ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां पर आप डेमो अकाउंट बना कर इसके ट्रायल वर्जन का भी लाभ ले सकते हैं। लेकिन यदि आप रेगुलर ट्रेडर है तो आपको FTT और Forex के बारे में जानकारी होनी भी बहुत जरुरी है। तो चलिए जानते हैं कि ये FTT और Forex क्या चीज है?
FTT का फुलफॉर्म फिक्स्ड टाइम ट्रेडिंग है। FTT एक ट्रेडिंग भविष्यवाणी है जो ये बताने का काम करती है कि किसी संपत्ति की कीमत एक निश्चित अवधि में बढ़ेगी या गिरेगी। यह एक प्रकार का ट्रेडिंग ही है जिसमें इक्विटी की कीमतों, वस्तुओं, इंडेक्सों या करेंसी के पेयर्स की भविष्यवाणी करना शामिल होता है। निस्संदेह, यह आज उपलब्ध सबसे बुनियादी ट्रेडिंग तरीकों में से एक है। FTT, 2 प्रकार के होते हैं:
शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग , बिना किसी सपोर्ट, सिंपल इंटरफेस (ट्रेडरूम) वाला Binomo का ही एक सुविधाजनक प्लेटफॉर्म है, जिसे आप किसी भी गैजेट से कहीं भी उपयोग कर सकते हैं। Binomo उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो निवेश और वित्त के लिए नए हैं FTT से अधिक लाभ प्राप्त करने की अनुमति देता है, लेकिन इसमें जोखिम भी अधिक है। Binomo पर ट्रेडिंग और निकासी प्रक्रिया तेज है। Binomo प्लेटफॉर्म पर उच्च स्तर की सुरक्षा रखता है, क्योंकि कई स्कैमर भी होते हैं जिसे ट्रेडर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका डेटा और पैसा दोनों सुरक्षित है।
फिक्स्ड समय में आप ट्रेड के प्राइस को कैलकुलेट करते हैं और ये भविष्यवाणी करते हैं कि इसका मूल्य कब अपने मौजूदा दर से बढ़ेगी या गिरेगी। यदि आपका प्रिडिक्शन सटीक है, तो आपको बोनस के साथ-साथ निवेश की गई राशि भी प्राप्त होगी। लेकिन फिक्स्ड टाइम ट्रेड भी अन्य इक्विटी निवेशों की तरह जोखिम भरा होता है। इस प्रकार के निवेश की खास बात यह है कि आप इसे छोटे निवेश से भी शुरू कर सकते हैं और इससे होने वाला संभावित नुकसान पहले से ही निर्धारित होता है।
फॉरेक्स ट्रेडिंग या फॉरेन एक्सचेंज को खरीदारों और विक्रेताओं के नेटवर्क के रूप में समझाया जा सकता है, जो एक दूसरे के बीच एक सहमत मूल्य पर करेंसी ट्रांसफर करते हैं। फॉरेक्स एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति, कई कंपनियां और सेंट्रल बैंक एक करेंसी को दूसरी करेंसी में बदलते हैं। अगर आपने कभी कोई विदेश यात्रा किया होगा तो वहां भी आपको अपने देश के रुपए को उस देश के रुपए में बदलने की जरूरत पड़ी होगी। ठीक ऐसे ही फॉरेक्स में काम किया जाता है। हालांकि किसी भी देश की करेंसी को किसी खास उद्देश्य से दूसरे देश की करेंसी में बदला जाता है लेकिन ज्यादातर करेंसी एक्सचेंज का काम ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने के लिए किया जाता है। इसी तरह से होने वाले हर दिन के एक्सचेंज कुछ करेंसी के मूल्यों को काफी अस्थिर बना देती है और यही अस्थिरता ट्रेडर्स को फॉरेक्स के प्रति काफी ज्यादा आकर्षित करते हैं जिससे वो काफी ज्यादा लाभ कमाते हैं। मगर ये सबसे ज्यादा जोखिम भरा भी होता है क्योंकि कब किस करेंसी की प्राइस बढ़ेगी या घटेगी ये पूर्वानुमानित नहीं होता है।
शेयर्स या वस्तुओं की तरह फॉरेन करेंसी ट्रेडिंग एक्सचेंजस पर नहीं बल्कि सीधे दो पक्षों के बीच एक ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) बाजार में होता है। फॉरेक्स बाजार बैंकों के वैश्विक नेटवर्क द्वारा चलाया जाता है, जो अलग-अलग टाइम जोन में प्रमुख फॉरेक्स ट्रेडिंग सेंटर्स लंदन, न्यूयॉर्क, सिडनी और टोक्यो में फैला हुआ है। जिसका कोई सेंट्रल प्लेस नहीं है, आप 24 घंटे फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं।
ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं, लेकिन एक साथ एक करेंसी खरीदते हुए या दूसरे को बेचते समय, ये सभी एक ही तरह से काम करते हैं। परंपरागत तरीकों में, फॉरेक्स ट्रेडिंग में एक ब्रोकर के माध्यम से बहुत सारे फॉरेन करेंसी एक्सचेंज हुए हैं, लेकिन ऑनलाइन ट्रेडिंग के शुरू होने से अब आप सीएफडी ट्रेडिंग जैसे डेरिवेटिव का उपयोग करके फॉरेक्स प्राइस मूवमेंट्स का लाभ उठा सकते हैं। सीएफडी एक लाभदायक प्रोडक्ट हैं, जो आपको ट्रेड के पूरे दाम के एक छोटे से हिस्से के लिए एक पोजीशन खोलने में सक्षम बनाते हैं। गैर-लाभदायक प्रोडक्ट के विपरीत, सीएफडी में आप संपत्ति का स्वामित्व नहीं लेते हैं, लेकिन इस पर एक पोजीशन लेते हैं कि क्या आपको लगता है कि बाजार बढ़ेगा या मूल्य में गिरावट आएगी। हालांकि लीवरेज्ड प्रोडक्ट्स आपके मुनाफे को बढ़ा सकते हैं, अगर बाजार आपके खिलाफ चलता है तो वे नुकसान भी बढ़ा सकते हैं।
स्प्रेड एक फॉरेक्स ट्रेडिंग पेयर्स के लिए खरीद और बिक्री कीमतों के बीच का अंतर है। कई फाइनेंशियल मार्केट की तरह, जब आप फॉरेक्स के लिए पोजीशन ओपन करते हैं तो आपको इसके लिए दो कीमतों को प्रस्तुत करना होता है। यदि आप लॉन्ग पोजीशन पर ट्रेडिंग खोलना चाहते हैं, तो आप उस खरीद मूल्य पर ट्रेड करते हैं, जो बाजार मूल्य से थोड़ा ऊपर है। साथ ही यदि आप एक शॉर्ट पोजीशन पर ट्रेडिंग खोलना चाहते हैं, तो आप बिक्री मूल्य पर ट्रेड करते हैं - बाजार मूल्य से थोड़ा नीचे।